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श्रीकृष्ण जन्मोत्सव आज: काफी रोचक है केशवरायजी मंदिर का इतिहास

Shri Krishna Janmotsav: The history of Keshavaraiji temple is quite interesting

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श्रीकृष्ण जन्मोत्सव आज: काफी रोचक है केशवरायजी मंदिर का इतिहास

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव आज: काफी रोचक है केशवरायजी मंदिर का इतिहास

#janmashtami
प्रतापगढ़. नगर के लगभग मध्य में प्राचीन राजमहल है। उसके निकट ही तरवाडी परिवार की पुरानी हवेली है। केशवरायजी मंदिर के पुजारी कन्हैयालाल शर्मा ने बताया कि आज से लगभग 200 साल पहले यहां एक तलैया हुआ करती थी। उस दौरान निकटवर्ती मंदसौर में रमणजी के मंदरी की प्रतिष्ठा के अवसर पर राज परिवार को अपना अतिथि बनाने के लिए गुलाबचंद मंदसौर से प्रतापगढ़ आए। उन दिनों प्रतापगढ़ के महाराजा प्राय: देवगढ़ देवलिया में रहते थे। शहर में राजमहल में उन दिनों महारावल सामंतङ्क्षसह शहर में विराजते थे। जब गुलाबचन्द निमंत्रण लेकर राज दरबार पहुंचे। जहां महारावल ने कहा कि यहां प्रतापगढ़ में भी मंदिर जाए। इस पर गुलाबचंद ने कहा कि निर्माण सामग्री तैयार है। इस पर मंत्रियों को बुलाकर तुरंत जमीन दी। इसके बाद मंदिर निर्माण शुरू हो गया। इसके कुछ दिन बाद सरकार ने अकाल की घोषणा कर दी है। अनाज का भाव 50 गुना बढ़ गया। जनता में हाहाकार मच गया। गुलाबचंद जी ने अपने भंडार खोल दिए। सैंकड़ों मजदूर और कारीगर निर्माण में लग गए। हजारों अकाल पीडि़तों को अन्न मिलने लगा। इसके बाद यहां एक विराट देवालय बना। मंदिर के बाद श्री केशवरायजी की प्रतिमा मंदसौर के खिलचीपुरा से प्रतापगढ़ लाई गई। उस समय महारावल सामंतङ्क्षसह प्रतिमा की अगवानी को गए। मंदिर का नाम श्रीकेशव राय का मंदिर रखा गया। श्री केशवराय मंदिर के लिए प्रतिष्ठा के सामंतङ्क्षसह ने भगवान की सेवा के लिए 5 बीघा जमीन बागरी दरवाजा नामक नगर द्वार के बाहर प्रदान की। जहां भी खेत वाटिका और एक कुआं मौजूद है। निज मंदिर का निर्माण कार्य गुलाबचंद जी के समय में शुरू हुआ। ङ्क्षकतु मंदिर सभामंडप गुलाब चंद के उत्तराधिकारियों के बाद की पीढिय़ों ने बनाया।
केशवरायजी मंदिर में 108 किलो दूध से होगा अभिषेक
प्रतापगढ़. श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार को मनाया जाएगा। इसके तहत मंदिरा में तैयारियां की जा रही है। शहर के मुख्य मंदिर केशवरायजी मंदिर में तैयारियों को लेकर श्रद्धालु जुटे हुए है। यहां 108 किलो दूध से अभिषेक किया जाएगा। जिले समेत शहर के कृष्ण मंदिरों पर भी जन्माष्टमी पर्व को लेकर तैयारियां की जा रही है। केशवराय मंदिर के पुजारी श्रीहरि शुक्ल ने बताया करीब 200 साल से इस मंदिर पर जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता आ रहा है। आयोजन के तहत शुक्रवार सुबह भगवान कृष्ण का 108 किलो दूध से अभिषेक होगा। उसके बाद भगवान को नूतन पौशाक व विशेष शृंगार किया जाएगा। भगवान के जन्म से पूर्व रात्रि 10 बजे अभिषेक किया जाएगा। उसके बाद भगवान के जन्म दिन मनाया जाएगा। केशवराय मंदिर के अलावा अंबिका राजराजेश्वरी मंदिर, कुमारवाडा श्री कृष्ण मंदिर, भाटटपुरा श्री कृष्ण मंदिर, सालमपुरा श्री कृष्ण मंदिर, शहर के सभी मंदिरों में जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा।
प्रतापगढ़ मण्डी भाव
प्रतापगढ़. गेहूं 2234 से 2300, मक्का 2236 से 2417, जौ 2601 से 2700, चना 4001 से 4444, मसूर 5780 से 6662, सरसों 6031 से 6121, अलसी 6292 से 6452, सोयाबीन 5400 से 6050, मैथी 4130 से 5250, लहसुन 340 से 3160, प्याज 300 से 1366, तुवर 5550 से 6000, मूंग 4440 से 5901 रुपए प्रति ङ्क्षक्वटल रहे।
छोटीसादड़ी. गेहूं 2100-2400, मक्का 2150-2250, जौ 2650-2750, सोयाबीन 5000-6000, सरसों 6000, चना 3500-4326, मैथी 4100-5000, अलसी 6100-6391, धनिया 9700-10175, अजवाईन 7000, मसूर 5341, तिल 9050-11000, लहसुन देशी 400-3600, लहसुन ऊटी 1000-10800 रुपए प्रति ङ्क्षक्वटल रहे। मंडी में शुक्रवार को श्री कृष्णा जन्माष्टमी होने से मण्डी मे अवकाश रहेगा।

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