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प्रतापगढ़

छात्रा की उपचार के दौरान मौत: स्कूल में छात्रा का शव रखकर किया प्रदर्शन

Student's death during treatment: Demonstration by keeping the body of the girl student in the school

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गत तीन माह से थी बीमार
तहसीलदार, पुलिस ने की समझाइश
प्रतापगढ़. जिले के सुहागपुरा के सकथल गांव में गत तीन माह से बीमार छात्रा की शनिवार को मौत हो गई। परिजनों और ग्रामीणों ने छात्रा के शव को सरकारी स्कूल में रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि करीब 3 माह पूर्व स्कूल में बच्चों को सरकारी योजना के तहत आयरन की गोलियां खिलाई गई थी। तब से वह बीमार चल रही थी। ग्रामीणों ने पीडि़त परिवार को आर्थिक सहायता की मांग की। सूचना पर थाना प्रभारी, तहसीलदार आदि मौके पर पहुंचे। जहां समझाइश की और शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। सुहागपुरा थाने के एएसआई गणपतलाल ने बताया कि सुहागपुरा थाना क्षेत्र के सकथल गांव में गत 15 जुलाई को स्कूल के बच्चे बीमार हो गए थे। उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इसमें जांच में कई बच्चों में डेंगू व स्क्रब टाइफस की रिपोर्ट आई थी। इसमें पांचवी की छात्रा सोनाकुमारी का भी उदयपुर में निजी चिकित्सालय में उपचार कराया गया था। बालिका कभी बीमार तो कभी सही हो जाती थी। पिछले काफी दिनों से लगातार ही बीमार चल रही थी। जिसको लेकर परिजन कभी उदयपुर तो कभी बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ के अस्पताल में उपचार ले जा रहे थे। इस दौरान बालिका की मौत शनिवार को हो गई। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने सरकारी विद्यालय में शव रखकर प्रदर्शन किया। सरपंच शांतिलाल मीणा ने कहा कि तीन माह से बालिका बीमार चल रही थी। इसका कई जगह उपचार कराया गया। लेकिन बालिका स्वस्थ्य नहीं हुई। ग्रामीणों ने आर्थिक सहायता और स्कूल भवन मरम्मत की मांग की। प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन कोई बात नहीं बनी। इस पर सुहागपुरा तहसीलदार मौके पर पहुंचे। जहां ग्रामीण और परिजनों को समझाइश की गई। उन्होंने सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद शव को जिला चिकित्सालय लाए। जहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया। सीएमएचओ डॉ. वीडी मीणा ने बताया कि बालिका की मौत के कारण का पोस्टमार्टम रिपोर्ट व गत दिनों जहां उपचार कराया गया, वहां की रिपोर्ट पर ही कुछ कहा जा सकता है।