प्रतापगढ़. संसार मार्ग छोडकऱ संयम पथ की ओर अग्रसर हो रहे बाल मुमुक्षु दिव्यांश मोदी का मंगलवार को शहर में वरघोड़ा निकाला गया। जैन गुमानजी मंदिर से शुरू हुए इस वरघोडे में बैंड-बाजों और ढोल-नगाड़ों की धुनों पर युवक-युवतियां नृत्य करते हुए चल रहे थे। मुमुक्षु का मार्ग में जगह-जगह जैन धर्मावलंबियों द्वारा अभिनंदन किया गया। गौरतलब है कि एमपी के सैलाना निवासी मीनाक्षी जयेश मोदी के पुत्र बाल मुमुक्षु दिव्यांश मोदी की आगामी 21 फरवरी को मध्यप्रदेश के सैलाना में जैन भागवती दीक्षा होगी। इसके तहत मुमुक्षु के प्रतापगढ़ पहुंचने पर जैन समाज की ओर से अभिनंदन किया गया। इस दौरान गुमानजी मंदिर से निकाले गए वरघोड़े में शामिल जैन धर्मावलंबी भगवान के जयकारे लगा रहे थे। शहर के मुख्य बाजारों से होकर गुजरे इस वरघोड़े में शामिल मुमुक्षु द्वारा वर्षीदान किया गया। समाज के अध्यक्ष संजय जैन ने बताया कि जैन धर्म में सांसारिक मोह-माया छोडकऱ संयम पथ अंगीकार करना और भगवती दीक्षा ग्रहण करने का काफी महत्व है। बाल मुमुक्षु दिव्यांश मोदी इस पथ पर अग्रसर है और संयम पथ अंगीकार करने पर हर्षित भी है। वरघोड़े का समापन गुमानजी जैन मंदिर में हुआ जहां विभिन्न जैन संगठनों द्वारा मुमुक्षु का अभिनंदन किया गया।