वन्यजीवों का होगा समुचित बचाव और उपचार

प्रतापगढ़.
जिले के जंगल में रेस्क्यू किए जाने के बाद वन्यजीवों का बचाव और समुचित उपचार नहीं हो पाता था। इसे देखते हुए वन विभाग की ओर से संसाधन उपलब्ध कराए गए है। जिसमें नवीन तकनीकी के साथ परम्परागत संसाधन भी है। रेस्क्यू सेंटर बनाया गया है। जबकि रेस्क्यू के लिए बॉक्स भी सुविधायुक्त बनाए गए है। वहीं अन्य संसाधनों को भी सभी रेंज कार्यालयों में उपलब्ध कराए गए है।

By: Devishankar Suthar

Published: 03 Apr 2021, 07:03 AM IST


-वन विभाग ने सभी रेंज कार्यालयों में उपलब्ध कराए रेस्क्यू ऑपरेशन उपकरण
-नवीन तकनीकी के उपकरण से मिलेगी काफी सुविधा
प्रतापगढ़.
जिले के जंगल में रेस्क्यू किए जाने के बाद वन्यजीवों का बचाव और समुचित उपचार नहीं हो पाता था। इसे देखते हुए वन विभाग की ओर से संसाधन उपलब्ध कराए गए है। जिसमें नवीन तकनीकी के साथ परम्परागत संसाधन भी है। रेस्क्यू सेंटर बनाया गया है। जबकि रेस्क्यू के लिए बॉक्स भी सुविधायुक्त बनाए गए है। वहीं अन्य संसाधनों को भी सभी रेंज कार्यालयों में उपलब्ध कराए गए है।
गौरतलब है कि प्रतापगढ़ जिले में फैले वृह्द जंगल में आए दिन कई जंगली जीव कुएं, नाले, नहर में गिर जाते है। कई बार वन्यजीव आबादी क्षेत्र में भी घुस आते है। ऐसे में वन विभाग की ओर से इन जीवों को रेस्क्यू कर उपचार के बाद सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया जाता है। लेकिन संसाधनों के अभाव में जीवों को काफी नुकसान पहुंचता है। कई बार इनकी उपचार के दौरान उचित देख-रेख नहीं होने से परेशानी और भी बढ़ जाती है। वहीं रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान आवश्यक संसाधन नहीं होने से ग्रामीणों और वनकर्मियों पर हमला होने और घायल होने का भी खतरा बना रहता है। ऐसे में वन विभाग ने आवश्यक और नवीन तकनीकी रेस्क्यू ऑपरेशन उपकरण उपलब्ध कराए गए है। जो जिले के सभी रेंजों पर पहुंचाए गए है। इसके साथ ही यहां जिला मुख्यालय पर रेस्क्यू सेंटर बनाया गया है। जहां रेस्क्यू के बाद लाए गए वन्यजीव का समुचित उपचार और देखभाल की जा रही है।
यह उपकरण उपलब्ध कराए
वन विभाग की ओर से आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए है। जिसमें स्नैक केप्चर, रोप लेडर, जाल, रस्से, रेप्टाइल बॉक्स, वन्यजीव बॉक्स उपलब्ध कराए गए है। रेंजर दारासिंह राणावत ने बताया कि इसके साथ ही यहां रेंज कार्यालय परिसर में बनाए गए रेस्क्यू सेंटर में बर्ड कैज, ऐनिमल कैज बनाए गए है। जिसमें वन्यजीवों को उपचार के दौरान रखा जाता है।
--वन्यजीवों की सुरक्षा
जिले के जंगल में वन्यजीवों का रेस्क्यू करने के दौरान आवश्यक संसाधन नहीं होने से खतरा रहता था। इसे देखते हुए नवीन तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए गए है। वहीं जिला मुख्यालय पर भी रेस्क्यू सेंटर बनाया गया है। जिससे रेस्क्यू के बाद लाए गए वन्यजीव को सुरक्षित रखा जा सके और उपचार कराया जा सके। आवश्यक उपकरण सभी रेंजों में भिजवा दिए है।
संग्रामसिंह कटियार, उपवन संरक्षक
प्रतापगढ़.

Devishankar Suthar
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