
Dashmata पीपल की पूजा, सुनी दशामाता की कथा
प्रतापगढ़. परिवार की दशा को सुधारने और खुशहाली के लिए महिलाओं ने रविवार को Dashmata दशा माता का व्रत किया। शहर समेत गांवों में अलग-अलग जगह में हुए पूजन में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। महिलाओं ने पीपल के पेड़ का पूजन कर उस पर कच्चा सूत लपेटकर परिक्रमा की। दशा माता की कथा का श्रवण किया गया। महिलाओं ने पूजन के लिए दिनभर व्रत रखा। पीपल का पूजन करने से इसे पीपल दशा भी कहा जाता है। इस दौरान शहर के शिवालयों में भी काफी भीड़ रही।
छोटीसादड़ी. अखंड सौभाग्य की और परिवार की दशा सुधारने की कामना लिए महिलाओं ने रविवार को दशामाता का व्रत रख पूजन किया। महिलाएं पीपल के पेड़ की पूजा कर कच्चा सूत लपेट और व्रत भी रखा। दशामाता की कथा भी पढ़ी। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि पर मनाया जाने वाला यह पर्व सूर्योदय से दोपहर तक अधिकतर महिलाओ ने पूजन किया।
पूजा स्थल गांधी चौराहे के पास स्थल पर पीपल व वटवृक्ष की पूजा करने पहुंची। जहां पीपल की पूजा अर्चना व परिक्रमा के बाद पंडित से माता की पवित्र वेर लेकर कथा का श्रवण किया। वहीं, पूजा में शीतला सप्तमी पर बनाए गए ढोकले में से बचा के रखे ढोकले को चढ़ाया। पीपल और वटवृक्ष की पूजा कर परिवार की खुशहाली ओर उन्नति की कामना की।
सालमगढ़. कस्बे में प्रात: काल से ही पुराने बस स्टैंड स्थित पीपल के पेड़ पर दिनभर महिलाओं का तांता लगा रहा। यहां पीपल की पूजा की गई। इसके साथ ही दशामाता की कथा का श्रवण किया गया। दशा माता के पर्व पर कस्बे में बड़े उत्साह से मनाया गया। महिलाओं द्वारा आज दशामाता का व्रत धारण कर पीपल वृक्ष की पूजा अर्चना की। अपने परिवार की सुख-शांति व अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर पीपल के वृक्ष की पूजा की। इसके साथ ही बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद भी लिया। व्रत की कथा सुन पूरे दिन व्रत का पालन किया। यहां शाम तक महिलाओं की भीड़ लगी रही।
बम्बोरी. गांव सहित आसपास के गांवों की महिलाओं ने पीपल को सूत का धागा बांधकर परिक्रमा की। पंडित धर्मेंद्र आमेटा, पप्पूलाल पुरोहित के अनुसार नौ ग्रह और नौ देवियों को प्रसन्न करने के लिए यह पूजन.व्रत किया जाता है। दशा माता का पूजन कर महिलाएं घर.परिवार की दशा अच्छी रहने, संकटों से मुक्ति मिलने और परिवार के सुख की कामना की। बम्बोरी गांव के चारभुजा मंदिर, चामुंडा माता, अस्पताल परिसर आदि गांवों में पीपल की पूजा की।
मोवाई. मोवाई क्षेत्र में रविवार को महिलाएं दशा माता का व्रत पूरे दिन किय गया। शाम को पीपल का पूजान किया गया। इस मौके पर मंदिरों में भी काफी भीड़ रही।
बारावरदा. यहां गांव में महिलाओं ने पीपल के पेड़ की पूजा कर परिक्रमा लगाई। महिलाओं ने सुख-शांति और स्वास्थ्य की मंगल कामना की गई। इस मौके दशा माता की कथा का वाचन भी किया गया।
मोखमपुरा. क्षेत्र में दशा माता का पर्व मनाया गया। मोखमपुरा क्षेत्र के राजपुरिया कनी नाथू खेड़ी अचल पुरिया देवद गोट आरसी दशा माता का पर्व हर्ष उल्लास के साथ परंपरागत रूप से मनाया गया स इस अवसर पर सुहागिन महिलाओ ने विभिन्न मंदिरो के साथ अन्य स्थानों पर पीपल के वृक्ष की पूजा और परिक्रमा कर परिवार में सुख समृद्धि की कामना की ए इस अवसर पर महिलाएं नए परिवेश से सज धज कर हाथों में पूजा की थाली लिए महिलाओं ने शुभ मुहूर्त में पीपल के वृक्ष की पूजा अर्चना की विभिन्न स्थानों पर दसा माता पूजा संपन्न हुई।
अरनोद. क्षेत्र में आज दशा माता व्रत के कारण आज महिलाओं ने दशामाता की पूजा अर्चना की। कस्बे में पीपल के वृक्ष की पूजा अर्चना कर परिक्रमा करते हुए परिवार में सुख समृद्धि की मंगल कामना की। पूजा अर्चना के बाद दशा माता की कथा का वाचन किया गया। साथ ही आदिवासी समुदाय ने फसलोत्सव के कारण पारंपरिक लोकगीत गाते हुए दशा माता पूजा की।
वनपुरा. क्षेत्र में सुबह से ही महिलाएं अपने निवास के नजदीक मंदिर पर पीपल के वृक्ष पर पहुंचकर पूजा की। विधि-विधान पूर्वक पूजन कर दशा मां को विभिन्न प्रकार का नेवैद्य लगाया। गाव के स्कूल परिसर के सामने पीपल के वृक्ष पर दशा माता की प्रमुख रूप से पूजा की। महिलाओं ने पीपल के वृक्ष की विधि विधान से पूजा.अर्चना करते हुएए पीपल के वृक्ष पर सूत का धागा लपेटकर वृक्ष की परिक्रमा की। दशा माता की पौराणिक कथा सुनी।
मधुरा तालाब. गांव में घर-परिवार की सुख-समृद्धि को लेकर दशा माता का व्रत किया गया। महिलाओं ने व्रत किया और कथा का श्रवण किया। पीपल पर धागा लपेटकर परिक्रमा की। महिलाओं द्वारा दशा माता की वेल गले में धारण की। घर परिवार में सुख शांति की कामना की गई।
करजू. क्षेत्र मे रविवार को दशामाता पूजन किया। महिलाओं ने बताया दशा माता मनाने के पीछे कई मान्यताएं है। कथा का श्रवण किया गया। कथावाचक ने बताया कि उस दिन होली दसा थी। एक ब्राह्मणी राजमहल में आई और रानी से कह दशा का डोरा ले लो। सभी सुहागिन महिलाएं दशा माता की पूजन और व्रत करती हैं। इस डोरे की पूजा करके गले में बांधती हैं जिससे अपने घर में सुख.समृद्धि आती है।
असावता. क्षेत्र के निकटवर्ती क्षेत्रों में कस्बे सहित आसपास क्षेत्र में दशामाता के पावन पर्व पर रविवार को पूजा की गई। व्रतधारी महिलाओं द्वारा सुबह से ही लक्ष्मी रूपेण के ब्रह्म मुहूर्त में सुबह घरों की साफ-सफाई व सफेद पीली मिट्टी से लिपाई पुताई की गई। घरों में दशा माता की पूजा अर्चना की। पीपल के पेड़ की पूजा.अर्चना की। सफेद डोरा की पीपल को पहनाई गई। महिलाओं ने अपने सुहाग व परिवार में खुशहाली समृद्धि, सुख, शांति बनाए रखने की प्रार्थनाएं की।
Published on:
28 Mar 2022 07:57 am
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