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Pratapgarh News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 'कुंडा के सुल्तान' कहे जाने वाले विधायक राजा भैया की बेटी राघवी अपने तीखे तेवरों के लिए जानी जाती हैं। इस बार राघवी ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के पक्ष में बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया है कि शंकराचार्य पर हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं बल्कि पूरी हिंदू आस्था और सनातन परंपरा पर प्रहार है। राघवी के इस स्टैंड ने सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक हलचल मचा दी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में शंकराचार्य की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई से ठीक पहले राघवी कुमारी ने सोशल मीडिया (X) पर लिखा कि शंकराचार्य का पद किसी व्यक्ति की जागीर नहीं है, बल्कि यह हमारे चार वेदों की जीवित परंपरा का सबसे ऊंचा स्थान है। इस पद की मर्यादा सिर्फ एक पीठ या मठ की नहीं बल्कि पूरे सनातन समाज की पहचान है।
राघवी ने आगे लिखा कि माघ मेला जैसे पवित्र अवसर के दौरान जो विवाद खड़े हुए, उने बहुत भक्तों को बेहद दुख दिया है । राज्य की जिम्मेदारी सिर्फ कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं होती, धार्मिक भावनाओं का सम्मान और सामाजिक संतुलन बनाना भी सरकार का कर्तव्य होता है। शंकराचार्य पर लगाए गए तथाकथित “आरोप” केवल एक व्यक्ति को निशाना बनाने का प्रयास नहीं, बल्कि उस सनातन आध्यात्मिक परंपरा को कमजोर करने की कोशिश हैं जिसकी नींव आदि शंकराचार्य ने रखी थी। सदियों से वेदों की ज्योति जलाने वाली इस परंपरा को बदनाम करने की हर कोशिश पहले भी असफल हुई है और आगे भी होगी। आस्था पर आघात स्वीकार नहीं। सत्य ही अंतिम विजय है। न्यायालय पे विश्वास है हर हर महादेव
जनसत्ता दल के प्रमुख राजा भैया की बेटी राघवी कुमारी इन दिनों समाज के बड़े मुद्दों पर काफी मुखर रहती हैं। पिता की विरासत को संभालने के साथ-साथ वह अपनी एक अलग पहचान बना रही हैं। चाहे पारिवारिक विवाद हो या धर्म की रक्षा, राघवी हमेशा मजबूती से अपनी बात रखती हैं। शंकराचार्य के मामले में भी उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर बेबाकी से अपनी बात रखी है।
Updated on:
27 Feb 2026, 11:45 AM IST
Published on:
27 Feb 2026, 11:44 AM IST
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