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लोकल टू ग्लोबल: योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर-जापान में बढ़ाई यूपी के हस्तशिल्प की ब्रांड वैल्यू

local to global: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर-जापान दौरे पर 500 से अधिक वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) उत्पाद भेंट कर यूपी के हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास किया है।

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लखनऊ

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Namrata Tiwary

Feb 26, 2026

yogi gift to foreigners

Photo sourc - X

Local to Global: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हालिया सिंगापुर और जापान दौरे से एक नई इबारत लिख दी है। यह दौरा सिर्फ निवेश के समझौतों और फाइलों तक सीमित नहीं रहा। इस यात्रा से उत्तर प्रदेश की सदियों पुरानी कला और संस्कृति को दुनिया के सामने एक ग्लोबल मंच मिल गया। 500 से ज्यादा हस्तनिर्मित कलाकृतियों को विदेशी मेहमानों को भेंट कर उन्होंने साबित कर दिया कि यूपी का एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) अब विश्व स्तर पर अपनी धाक जमाने के लिए तैयार है।

काशी की गुलाबी मीनाकारी

इस यात्रा के दौरान सबसे खास पल वह था जब विदेशी राजनेताओं और कॉरपोरेट जगत के दिग्गजों ने वाराणसी की मशहूर गुलाबी मीनाकारी को करीब से देखा। जब सीएम योगी ने काशी विश्वनाथ मंदिर का हस्तनिर्मित मॉडल और मीनाकारी से सजे मोर उन्हें भेंट किए तो विदेशी मेहमानों के चेहरे पर हैरानी और प्रशंसा के भाव देखने को मिले। यह केवल एक उपहार नहीं था बल्कि काशी की गलियों में बसने वाले उन शिल्पकारों की मेहनत का सम्मान था जिन्होंने अपनी कला को जीवित रखा है।

कांच के 'राम' और पीतल के 'बुद्ध'

मुख्यमंत्री ने अपनी इस गिफ्ट डिप्लोमेसी के जरिए यूपी की धार्मिक और आध्यात्मिक विविधता को भी वैश्विक पटल पर रखा। उपहारों की सूची में फिरोजाबाद के उत्कृष्ट ग्लास वर्क (कांच कला) से बनी भगवान श्री राम, शिव, राधा-कृष्ण और महात्मा बुद्ध की प्रतिमाएं शामिल थीं। इसके साथ ही मुरादाबाद के पीतल उद्योग (Brass Work) की चमक और सहारनपुर की लकड़ी पर की गई बारीक नक्काशी (Wood Carving) ने जापान और सिंगापुर के लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन कलाकृतियों के जरिए यूपी ने यह संदेश दिया कि प्रदेश की मिट्टी में हुनर और श्रद्धा दोनों रचे-बसे हैं।

300 से ज्यादा बच्चे शामिल

अक्सर कूटनीतिक दौरों में बच्चों की अनदेखी हो जाती है लेकिन सीएम योगी ने यहां एक बेहद भावुक और दूरगामी पहल की। उन्होंने सिंगापुर और जापान के 300 से अधिक बच्चों को विशेष रूप से तैयार की गई मंडला आर्ट की कलाकृतियां भेंट कीं। बच्चों के हाथों में यूपी की यह कला एक सांस्कृतिक सेतु (Cultural Bridge) की तरह नजर आई। यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके जरिए यूपी की कला का परिचय आने वाली विदेशी पीढ़ी से कराया गया है जो भविष्य में इन उत्पादों के लिए एक बड़ा बाजार बन सकते हैं।

चमकेगी शिल्पकारों की किस्मत

विशेषज्ञों का मानना है कि सीएम योगी का यह कदम लोकल टू ग्लोबल के सपने को हकीकत में बदलने के लिए अहम है। जब दुनिया के बड़े नेता और उद्योगपति इन कलाकृतियों को अपने घर या दफ्तर में सजाएंगे तो यह उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प के लिए एक परमानेंट विज्ञापन का काम करेगा। इससे न केवल उत्पादों की ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी बल्कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लाखों शिल्पकार परिवारों के लिए निर्यात के नए दरवाजे भी खुलेंगे। यह दौरा यूपी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।