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हो गया फैसला राजा भइया के पिता नहीं करा पाएंगे भंडारा, प्रतापगढ़ में दूसरे दिन हैं ऐसे हालात

एक दिन पहले बंद के दबाव में नहीं आया प्रशासन, डीएम ने दो टूक कर दिया इनकार।

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प्रतापगढ़. ठीक मुहर्रम के दिन वो भी अखाड़े और ताजिया के जुलूस के समय रास्ते में पड़ने वाले हनुमान मंदिर पर भंडारा कराने की परंपरा इस बार भी टूटेगी, क्योंकि प्रशासन ने दो टूक कह दिया है कि भंडारा कराने की अनुमति नहीं दी जाएगी। महराज उदय प्रताप सिंह की ओर से कराए जाने वाले भंडारे के समर्थन में कुंडा बंद का दबाव भी पुलिस व जिला प्रशासन पर कोई असर नहीं डाल सका है। हालांकि बाजार में जबरदस्त बंदी से प्रशासन की चिंताएं जरूर बढ़ गयी हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि इस बंद के बाद पुलिस सतर्क है। चूंकि ये कोर्ट का आदेश है ऐसे में पुलिस किसी भी कीमत पर इसका अनुपालन कराने के लिये मजबूर है।

भंडारा कराने के समर्थन में इतने पोस्टर कैसे लग गए और बिना किसी जुलूस व जबरदस्ती के बाजार का बंद हो जाना पुलिस की चिंता बढ़ाने वाला है। पुलिस अब तक ये नहीं जान पायी है कि वो पोस्टर किसने लगाए, जिसके बाद बाजार में ऐसी अभूतपूर्व बंदी रही। पिछले वर्ष भी उदय प्रताप सिंह भंडारा कराने पर अड़े हुए थे। पर योगी सरकार आने के बावजूद वह भंडारा नहीं करा पाए। सरकार ने कोर्ट के आदेश का कड़ाई से पालन कराया और भंडारा नहीं होने दिया। इस बार भी बाजार बंद होने के बाद जिलाधिकारी सामने आए और साफ कह दिया कि भंडारा कराने की अनुमति किसी कीमत पर नहीं दी जाएगी। हालांकि दूसरे दिन अभी तक सबकुछ शांत है, बावजूद इसके पुलिस प्रशासन सतर्क है।

भंडारे के समर्थन में कुंडा में बाजार बंद के लगे पोस्टर IMAGE CREDIT:

राजा भइया पिता उदय प्रताप सिंह की ओर से कराए जाने वाले भंडारे पर 2016 में हाईकोर्ट ने रोक लगा दिया था। तब अखिलेश यादव की सरकार थी। सरकार में राजा भइया कैबिनेट मंत्री थे, बावजूद इसके सरकार ने उनके पिता को भंडारा कराने की अनुमति कोर्ट आदेश के अवलोकन में नहीं दी। योगी सरकार आने के बाद समर्थकों में कुछ उम्मीद जगी थी पर इस सरकार के हाथ भी कोर्ट ने बांध रखे हैं। ऐसे में इस बार फिर भंडारा कराने के मामले से सरकार कैसे निपटती है यह देखना होगा।

By Sunil Somvanshi