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Raja Bhaiya: ‘शेर कभी कुत्ते का शिकार नहीं करता’, जब कुंडा में विरोधियों पर गरजे थे राजा भैया

Raja Bhaiya Controversy: पत्नी भानवी सिंह और कोलकाता के एक पत्रकार के साथ रिश्ते के कारण विवादों में चल रहे रघुराज प्रताप उर्फ राजा भैया की धमक का ताजा उदाहरण आज से 3 महीने पहले का ही है। प्रतापगढ़ जिले के कुंडा में स्थित बजरंग बहादुर इंटर कॉलेज में जनसत्ता दल की प्रत्याशी ऊषा सिंह के समर्थन में आयोजित जनसभा में राजा भैया ने विरोधियों को ललकारते हुए कहा था कि "शेर कभी कुत्ते का शिकार नहीं करते। आप लोगों ने वाइल्ड लाइफ से जुड़े चैनलों पर भी शेर को कुत्ते का शिकार करते नहीं देखा होगा। अब तक किसी राजनीतिक दल की हिम्मत नहीं हुई कि वो कुंडा में जनसभा कर सके।"

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Raja Bhaiya News: राजा भैया ने मई में निकाय चुनाव की रैली को संबोधित करते समय यह बात कही थी। उन्होंने जनसत्ता दल की प्रत्याशी ऊषा सिंह के समर्थन में वोट मांगें थे। उन्होंने कहा था कि यह पार्टी आपकी है। जितवाना आपको है।

विपक्षियों पर निशाना साधते हुए राजाभैया ने कहा था कि शेर कभी शिकार करना नहीं छोड़ता। हां ये बात जरूर है की शेर कुत्तों का शिकार नहीं करता। राजाभैया ने कहा कि इस जनसभा में हजारों की संख्या में आपकी मौजूदगी बता रही है कि जनसत्ता दल को जनता खुले दिल से समर्थन कर रही है।

राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल से 3 प्रत्याशी मैदान में लड़े थे चुनाव

राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल ने इस बार निकाय चुनाव में तीन कैंडीडेट उतारे हैं। कुंडा में ऊषा त्रिपाठी, डेरवा में कुंवर बहादुर पटेल, हीरागंज में निर्मला देवी को टिकट दिया था। तीनों प्रत्याशी जनसत्ता दल के सिंबल आरी पर चुनाव लड़ रहे थे।

रैली में भीड़ देखकर राजा भैया ने कहा था कि कॉन्फिडेंस बढ़ा

उनके एक समर्थक ने कहा था कि राजाभैया की जनसभा में उमड़े जनसैलाब के जोश को देखकर ये कहना गलत नहीं होगा कि राजा भैया का कॉन्फिडेंस बढ़ा है। वहीं दूसरी ओर सपा और भाजपा भी पूरी तरह ताकत झोंक रही है और प्रत्याशी अपनी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। बहरहाल कुंडा का चुनाव खासा दिलचस्प हो चुका है। अब ये तो चुनाव परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा की कुंडा की जनता किसके सिर जीत का सेहरा बांधती है।