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इलाहाबाद हाईकोर्ट को जल्द मिलेंगे 16 नए न्यायाधीश, लाखों केस हैं पेंडिग

हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इलाहाबाद हाई कोर्ट में करीब आठ लाख केस पेंडिंग हैं तो लखनऊ बेंच में करीब तीन लाख केस पेंडिग हैं।

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प्रयागराज. सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश कर दी है। हाईकोर्ट को जल्द 16 नए जज मिल जाएंगे। इनमें से 13 वकील और 3 न्यायिक सेवा से न्यायमूर्ति बने हैं। माना जा रहा है कि लाखों की संख्या में हाईकोर्ट में लंबित मुकदमों के निस्तारण में तेजी आएगी। हाईकोर्ट में वर्तमान में 92 जज थे, 16 नए जज मिलने के बाद हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 108 हो जाएगी। हालांकि इलाहाबाद हाईकोर्ट और लखनऊ बेंट मिलाकर 160 जजों के पद स्वीकृत हैं।

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कौन-कौन बना न्यायाधीश

सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए 13 वकीलों को न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है। जिसमें चंद्र कुमार राय, शिशर जैन, कृष्ण पहल, समीर जैन, आशुतोष श्रीवास्तव, सुभाष विद्यार्थी, बृजराज सिंह, पंकज सिंह, विकास बुधवार, विक्रम डी चौहान, रिशद मुर्तजा, ध्रुव माथुर और विमलेंदु त्रिपाठी का नाम शामिल है। इसके अलावा न्यायिक सेवा से 3 न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश हुई है जिसमें ओमप्रकाश त्रिपाठी, उमेश चंद्र शर्मा और सैयद वैज मियां के नाम शामिल है।

लाखों की संख्या में पेंडिग हैं केस

आपको बता दे कि इलाहाबाद हाईकोर्ट और लखनऊ बेंच में लाखों की संख्या में केस पेंडिग हैं। हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इलाहाबाद हाई कोर्ट में करीब आठ लाख केस पेंडिंग हैं तो लखनऊ बेंच में करीब तीन लाख केस पेंडिग हैं। यानी दोनों कोर्ट में करीब 10 लाख से ज्यादा केस पेंडिंग में है। जानकार बताते है कि कोरोना काल की वजह से भी केसों की पेंडेंसी बढ़ी है। कोरोना काल के दौरान ऑनलाइन सुनवाई शुरू की गई थी। कोर्ट सुचारू रूप से नहीं चल पार रहे थे।

केसों की पेंडेंसी में आएगी कमी

ऐसे में 16 नए जजों के मिलने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट और लखनऊ बेंच में केसों की पेंडेंसी में कमी आएगी। याचिकाओं के जल्द निस्तारण से लोगों को न्याय मिल सकेगा।

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