8 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

स्वच्छता सर्वेक्षण में इलाहाबाद फिसड्डी, जिम्मेदार संस्था पर लगेगा 10 करोड़ का जुर्माना, संस्था होगी ब्लैक लिस्टेड

महापौर ने शहर की सफाई को लेकर किया निरीक्षण तो खुली स्वच्छता की कलई

2 min read
Google source verification
cleanliness survey

स्वच्छता सर्वेक्षण

इलाहाबाद. कंेद्र सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण में अव्वल रहने वाला इलाहाबाद इस महीने फिसड्डी साबित हुआ है। इसे गंभीरता से लेते हुए महापौर अभिलाषा गुप्ता ने शहर की ठीक से सफाई नहीं करने पर जिम्मेदार संस्था हरी भरी पर 10 करोड़ का जुर्माना करने का निर्णय लिया है। साथ ही संस्था को ब्लैक लिस्टेड करने की भी तैयारी है। हालांकि इसके पहले संस्था के पांच दिन का अल्टीमेटम दिया गया है।

संगम नगरी इलाहाबाद में अगले महीने माघ मेले का आयोजन होने वाला है। माघ मेले में देश के विभिन्न राज्यों के साथ अलग-अलग देशों से करोड़ो श्रद्धालु आएंगे। इसे लेकर केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक इलाहाबाद में स्वच्छता को लेकर काफी गंभीर है। बावजूद इसके शहर में जगह जगह कूड़ों के ढेर लगे हुए हैं। शहर में कचरा उठाने, रिसाइक्लीन करने सहित अन्य साफ सफाई की जिम्मेदारी हरी भरी संस्था को दी गई है। हरी भरी संस्था की ओर से घोर लापरवाही बरते जाने के कारण जगह जगह गंदगी फैली हुई है।

गंदगी की लगातार शिकायत मिलने में नगर की महापौर अभिलाषा गुप्ता ने बसवार प्लांट का निरीक्षण किया तो हरी भरी संस्था के स्वच्छता अभियान की कलई खुल गई। बसवार प्लांट को डंपिंग ग्राउड के रूप देख महापौर का गुस्सा फूट पड़ा। कूड़ों की रिसाइक्लीन का काम पूरी तरह ठप मिला। प्लांट में कूड़े की छटाई भी नहीं हो रही थी। इसे देख उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। साथ ही उन्हें पांच दिनों का अल्टीमेटम दिया। लगातार मिल रही शिकायत को ध्यान में रख अभिलाषा गुप्ता नंदी ने लगातार दूसरे दिन भी एजेंसी के कामों की जांच के लिए अपर नगर आयुक्त रित सुहास के साथ निकल पड़ी।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने करेलाबाग वर्कशाप में भी गंदगी और कबाड़ पड़े वाहन व स्क्रैब देखा। वहां दो जेसीबी, चार लोडर, दो नाला मशीन, सात डंपर, दो हाईवा ट्रक, तीन काॅम्पेक्टर, 29 टाटा एसीई, तीन ट्रैक्टर खराब मिले। इस दौरान उन्होंने फोरमैन से कबाड निस्तारण पूरा नहीं होने की वजह पूछी तो उसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। महापौर अभिलाषा गुप्ता ने बताया कि संस्था को अल्टीमेटम दिया गया है। पांच दिनों में अगर व्यवस्था नहीं सुधारी तो 10 करोड का जुर्माना किया जाएगा। साथ ही संस्था को भी ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संस्था की ओर से घोर लापरवाही सामने आयी है। डोर टू डोर होने वाला कचरा कलेक्शन पर ठप पड़ा है। जबकि संस्था के कर्मचारी 65 वार्डों में लगातार सफाई कराये जाने का दावा कर रहे हैं। जिसकी भी जांच करायी जा रही है।

बड़ी खबरें

View All

प्रयागराज

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग