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बीआरडी मामले में हाईकोर्ट ने क्रेंद्र व राज्य सरकार को दिया यह निर्देश

गोरखपुर बीआरडी कॉलेज में बच्चों की मौत मामले में सोमवार को हाइकोर्ट में सुनवाई हुई...

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हाईकोर्ट

इलाहाबाद. गोरखपुर बीआरडी कॉलेज में बच्चों की मौत मामले में सोमवार को हाइकोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को आदेश दिया है। कोर्ट ने यह निर्देश दिया है कि, सरकार इंसेफेलाइटिस से निपटने की कार्य योजना पेश करे। बता दें कि मामले की अगली सुनवाई हाईकोर्ट में छ: अक्टूबर को होगी। दरअसल, इस मामले में लोकेश खुराना व अन्य नौ अन्य ने जनहित याचिका दाखिल की है। जिसकी सुनवाई चीफ जस्टिस डीबी भोसले और यशवंत वर्मा की खंडपीठ कर रही है।

जाने पूरी कहानी

मुख्यमंत्रयोगी आदित्यनाथ के दौरे के अगले दिन बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी और इंसेफेलाइटिस की वजह से पांच दिनों में 60 बच्चों की मौक हो गई थी। बताया जा रहा था कि आक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म ने 69 लाख रूपये बकाया के चलते सप्लाई ठप कर दिया था। सुबह से ऑक्सीजन की किल्लत का खामियाजा बेचारे मरीजों को भगुतना पड़ा। हालांकि, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इतनी संख्या में बच्चों की मौत को खारिज करते हुए यह कहा था कि दोपहर बाद से आक्सीजन की सप्लाई सुचारू हो गई है।

बता दें कि, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बीते दो सालों से परिसर में लगे लिक्विड आक्सीजन प्लांट से इंसेफेलाइटिस वार्ड व नियोनेटल वार्ड में आक्सीजन की सप्लाई की जाती है। इस प्लांट से मेडिकल कॉलेज के करीब 300 मरीजों को प्रतिदिन आक्सीजन की जरूरतों को पूरा किया जाता है।

बीआरडी मेडिकल कालेज में ऑक्सीजन की कमी के चलते चार दर्जन से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई थी। मामला काफी उछलने के बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया गया था। जांच रिपोर्ट आने के बाद मेडिकल के पूर्व प्राचार्य डॉ.राजीव मिश्र व उनकी पत्नी समेत नौ जिम्मेदारों को आरोपी बनाया गया था। इसके बाद डीजीएमई डॉ.केके गुप्ता की तहरीर पर हजरतगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज हुआ। बाद में यह मामला गोरखपुर के गुलरिहा थाने में स्थानांतरित हो गया।


केस दर्ज होने के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। इनको पकड़ने के लिए स्थानीय पुलिस के अलावा एसटीएफ लगाई गई। एसटीएफ ने सबसे पहली गिरफ़्तारी पूर्व प्राचार्य डॉ.राजीव मिश्र व उनकी पत्नी डॉ.पूर्णिमा शुक्ला की कानपुर में की। इसके बाद सहजनवा में एसटीएफ ने डॉ.कफील खान को गिरफ्तार किया। तो स्थानीय पुलिस ने सुधीर पांडेय को गोरखपुर में ही गिरफ्तार किया। एक दिन पहले डॉ.सतीश कुमार ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। इसके बाद छठवां आरोपी संजय त्रिपाठी कैंट पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वहीं एक अन्य आरोपी गजानन जायसवाल ने आत्मसमर्पण कर लिया जबकि आठवां आरोपी उदय शर्मा गिरफ्तार कर लिया गया था।