
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धार्मिक टैटू मिटाने के बाद सीमा सुरक्षा बल में नियुक्ति पर विचार करने का दिया निर्देश, जाने क्यों मिली अभ्यर्थियों को राहत
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धार्मिक टैटू के कारण अर्द्धसैनिक बलों में चयन से बाहर हुए अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी हैं।
कोर्ट ने एसएसबी बोर्ड (सशस्त्र सीमा बल) को निर्देश दिया है कि यदि याचियों ने टैटू हटवा दिए हैं और उनमें अन्य कोई शारीरिक अक्षमता नहीं है, तो उन्हें नियुक्ति देने पर विचार किया जाए। इसके साथ ही चयनितों का दो माह में मेडिकल कराया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा ने अवनीश कुमार व अन्य की याचिका पर दिया है।
याचियों के अधिवक्ता विनोद कुमार मिश्र, अजय कुमार राय का कहना था याची ने हेड कांस्टेबल मिनिस्टीरियल के पद के लिए आवेदन किया था। मेडिकल जांच में उनके हाथ पर टैटू होने के कारण उन्हें अनफिट करार दे दिया गया। हालांकि भर्ती के लिए जारी विज्ञापन में ऐसी कोई शर्त नहीं थी।
जानकारी होने के बाद याचियों ने अपने टैटू हटवा लिए हैं और उन्होंने एसएसबी को प्रत्यावेदन दिया था कि टैटू हटवाने के बाद उनका दोबारा मेडिकल कराया जाए लेकिन एसएसबी ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। इस पर कोर्ट ने अपर सॉलिसिटर जनरल से पूछा कि टैटू हटवा लेने के बाद याचियों को दोबारा मेडिकल परीक्षण कराने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि टैटू हटा लिया गया है तो नियुक्ति पर विचार किया जा सकता है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया है।
Published on:
10 Mar 2022 12:59 pm
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