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लिव-इन रिलेशन में रह रहीं दो लड़कियों को हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी पुलिस को दी बड़ी जिम्मेदारी

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Allahabad High court

इलाहाबाद हाईकोर्ट

प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लिव-इन-रिलेशनशिप में रह रही मेरठ की दो लड़कियों को राहत दिया है। इलाहाबाद कोर्ट ने मेरठ पुलिस को सुरक्षा के लिए दी गई लड़कियों की अर्जी पर विचार कर युक्तिसंगत आदेश पारित करने का आदेश दिया है। जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस एस.एस.शमशेरी ने मेरठ के एसएसपी को कहा कि लड़कियों की जान को खतरा को देखते हुए वह एक हफ्ते में फैसला करें। लड़कियों ने दायर याचिका में कहा कि हम दोनों बालिग है और स्वेच्छा से साथ रह रहे हैं।


दरअसल, मेरठ की इन लड़कियों ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में गुहार लगाई है कि वे दोनों बालिग हैं और कई साल से जीवनसाथी की तरह रह रही है। लड़कियों का आरोप है कि उनके माता-पिता इस संबंध से नाखुश होकर परेशान कर रहे हैं। लड़कियों ने यह भी कहा है कि उन्हें जान का खतरा है। इसी को लेकर इन लड़कियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। याचिका में लड़कियों ने कहा है कि वे बालिग हैं। एक की उम्र 25 और दूसरी की उम्र 35 वर्ष बताई गई है। दोनों ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने जीवनसाथी के रूप में रहने को लेकर एक आपसी ‘मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ भी तैयार कर रखा है। दोनों लड़कियों का कहना था कि उनकी जान को खतरा होने की जानकारी होने के बावजूद मेरठ पुलिस कोई मदद नहीं कर रही है। उनका कहना है कि समाज में उनकी छवि धूमिल हो रही है, जबकि दोनों लड़कियों की अदालत से गुहार थी कि वे बालिग हैं। उन्हें आपस में रहने का मौलिक अधिकार मिला है और वे खुश भी हैं। उनका कहना था कि साल 2013 से वे आपसी समझौते के तहत साथ-साथ रह रही हैं।