इलाहाबाद. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सिपाही भर्ती 2013 में क्षैतिज आरक्षण की गलती सुधारने के बाद निकले रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए व्हाइटनर का प्रयोग करने वाले अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए न बुलाने पर पुलिस भर्ती बोर्ड व राज्य सरकार से जानकारी मांगी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने सुमित तिवारी व अन्य की याचिका पर अधिवक्ता सीमांत सिंह को सुनकर दिया है। याचिका के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने सिपाही भर्ती 2013 और दरोगा भर्ती में व्हाइटनर का प्रयोग करने वाले उन अभ्यर्थियों को जो मेरिट में आ गए हैं को अपवाद स्वरूप एक बार नियुक्ति देने को कहा है। इसके बावजूद याचियों को नहीं बुलाया गया। अधिवक्ता सीमांत सिंह ने कोर्ट को बताया कि क्षैतिज आरक्षण की गलती सुधारने के बाद रिक्त हुए पदों पर मेरिट के हिसाब से नियुक्ति की जानी है। भर्ती बोर्ड ने बचे हुए सभी अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा बुलाया लेकिन ओएमआर शीट पर व्हाइटनर का प्रयोग करने वाले याचियों को नहीं बुलाया गया।