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UPPSC अध्यक्ष अनिल यादव की बर्खास्तगी पर छात्रों संग जश्न मनाने पहुंचे IAS सूर्य प्रताप

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन के समक्ष जश्न मनाने के लिए जुटे प्रतियोगी युवाओं के बीच वरिष्ठ IAS सूर्य प्रताप सिंह एवं सेवानिवृत IAS बादल चटर्जी भी पहुंचे।

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Oct 16, 2015

SP singh

SP singh

इलाहाबाद. UPPSC अध्यक्ष अनिल यादव को हटाने संबंधी इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश से गदगद प्रतियोगी छात्रों का जश्न जारी है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन के समक्ष जश्न मनाने के लिए जुटे प्रतियोगी युवाओं के बीच वरिष्ठ IAS सूर्य प्रताप सिंह एवं सेवानिवृत IAS बादल चटर्जी भी पहुंचे। दोनों ने छात्रों को आगे की लड़ाई में हर स्तर पर समर्थन देने का एलान किया। उनका कहना था कि अनिल यादव के मामले में कोर्ट के फैसले से सरकार की नैतिक हार हुई है।

IAS अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने कहा है कि हाईकोर्ट से न्याय मिला है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश सरकार उन्हें बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट गई तो वहां भी मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि हमारी सरकार या किसी व्यक्ति विशेष से लड़ाई नहीं है। हम भ्रष्ट-व्यवस्था के खिलाफ लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनिल यादव के कार्यकाल में हजारों प्रतिभाशाली युवाओं का भविष्य चौपट हुआ है। इसलिए उनके कार्यकाल में हुई भर्तियों की सीबीआई जांच कराई जाये। साथ ही आयोग में अन्य भ्रष्ट सदस्यों के खिलाफ भी एक्शन लिया जाये।

पूर्व मंडलायुक्त बादल चटर्जी ने कहा कि अनिल यादव को नियुक्ति में जिन आई.एस. अधिकारियों ने अपनी सहमति दी है। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही अनिल यादव के समय में हुई भर्तियां नए सिरे से करने की मांग की है।

पुराना रहा है अनिल यादव का आपराधिक रिकॉर्ड
UPPSC के अध्यक्ष बनाये गए अनिल यादव का पुराना अपराधिक रिकॉर्ड है। उनके खिलाफ आगरा में 1989 के पहले करीब 17 मुकदमे दर्ज थे। मारपीट करना, जान से मारने की धमकी देना और बलवा करने जैसे कई मामले उन पर दर्ज हैं। इसके अलावा आगरा के हरीपर्वत थाना क्षेत्र के आरबीएस स्कूलके बाहर बलवा और फायरिंग के 2 मुक़दमे भी उन पर दर्ज हैं। 1990 में उनकी हिस्ट्रीशीट खोली गई और उनके खिलाफ जिलाबदर की करवाई भी गई थी। अनिलयादव के खिलाफ थानों में दर्ज मुकदमों का रिकॉर्ड 2013 और 2005 में मिटा दिया गया।