
ragging case
इलाहाबाद :कोर्ट और सरकार के तमाम निर्देशों के बाद भी मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आया है।जिसको लेकर हंगामा खड़ा हो गया है। जबकि सरकार द्वारा शिक्षण संस्थानों में रैगिंग पर रोक लगाने के लिए कई सख्त नियम बनाये गए हैं। जिसके बाद भी रैगिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिसको लेकर मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रशासन की किरकिरी हो रही है।और इस मामले में उच्च स्तरीय जांच कमेटी भी गठित कर दी गई है।
मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आया। जिसमें रैगिंग में नव प्रवेशी छात्रों का सर मुंडवाया गया है। जिसको लेकर यह मामला सुर्खियों में आया। मेडिकल कॉलेज के सीनियर छात्रों पर आरोप लगा है। कि वह जूनियर छात्रों की रैगिंग कर रहे हैं। जहां एक तरफ छात्रों का सर मुंडवा दिया गया है। तो वहीं छात्राओं को भी बेतुका फरमान सुनाते हुए सीनियरों ने कहा है कि कॉलेज में छात्राएं बाल खोलकर नहीं आएंगी।सभी छात्राओं के बाल में तेल लगा होना चाहिए और जुड़ा बांध कर ही वह कैंपस में आएंगी।
वहीं रैगिंग का मामला सामने आने के बाद भी मेडिकल कॉलेज के अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। जब इस मामले में जिलाधिकारी सुहास एलवाई से पत्रिका ने बात की तो उन्होंने बताया कि यह मामला मीडिया के जरिए संज्ञान में आया है। जिसके लिए एक जांच कमेटी गठित कर दी गई है। और पूरे प्रकरण की जांच करके अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। रिपोर्ट के बाद दोषियों पर कार्यवाही पर विचार किया जाएगा।वही मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार सचिव सहित कॉलेज के प्रिंसिपल को छात्रों की रैगिंग के मामले में नोटिस जारी कर दिया है। और चार हफ्ते में इसकी रिपोर्ट मांगी है।
इस मामले पर जब मेडिकल कॉलेज के नव प्रवेशित छात्रों से पत्रिका ने बात करना चाहा तो कोई भी कैमरे के सामने कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुआ। और न ही किसी ने इस मामले की शिकायत कॉलेज प्रशासन तक पहुंचाई है। जिसके चलते कॉलेज प्रशासन यह कहकर अपना पल्ला झाड़ रहा है। कि उन्हें इस मामले में अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। हालांकि इस मामले में मानवाधिकार आयोग सहित जिला प्रशासन द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर जांच टीम गठित कर दी गई है।
Published on:
31 Aug 2018 12:16 pm
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