2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अतीक अहमद की ग्रेटर नोएडा में स्थित मन्नत कोठी और लखनऊ के बंगले पर भी होगा सरकार का कब्जा

यूपी के माफिया अतीक अहमद उसके गुर्गो की लगभग 500 करोड़ रुपए से अधिक की प्रॉपर्टी अब तक कुर्क की जा चुकी है, जबकि इससे ज्यादा की संपत्ति को मिट्टी में मिलाया जा चुका है। प्रयागराज पुलिस ने माफिया और उसके गैंग के खिलाफ कार्रवाई फिर तेज कर दी है। इस दौरान प्रयागराज से लेकर लखनऊ और नोएडा तक में माफिया की प्रापर्टी को जब्त करने की कार्रवाई की गई।

less than 1 minute read
Google source verification
atiq ahmed mannat kothi

atiq ahmed news: आपरेशन माफिया के तहत चल रही कार्रवाई की गति और तेज होने वाली है। प्रयागराज में 50 करोड़ की संपत्ति के बाद अब माफिया अतीक की ग्रेटर नोएडा स्थित कोठी ‘मन्नत’ और लखनऊ वाला आलीशान बंगला सहित चार संपत्ति पर भी सरकार का कब्जा होगा।

गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 (1) के तहत नोएडा, लखनऊ और प्रयागराज स्थित चार संपत्तियों को पहले ही कुर्क किया जा चुका है। जब्त की गई प्रापर्टी का बाजार मूल्य करीब 50 करोड़ रुपये बताया गया है। इन संपत्तियों से संबंधित पत्रावली पर पुलिस कमिश्नर (सीपी) कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है और अब उसे जिला न्यायालय के गैंगस्टर कोर्ट में भेज दी गई है।

गैंगस्टर कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद सभी प्रापर्टी राज्य सरकार में निहित हो जाएगी। मंगलवार को माफिया अतीक की 50 करोड़ की बेनामी संपत्ति राज्य सरकार में निहित हुई थी। बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 36 में माफिया अतीक को वर्ष 1994 मकान आवंटित हुआ था।

उसी मकान में रहकर अतीक का एक बेटा नोएडा में पढ़ाई करता था। अतीक भी वहां आता-जाता था। पुलिस ने उसे चिन्हित करते हुए कुर्की की कार्रवाई की थी। वहीं, लखनऊ के गोमती नगर में अतीक का आलीशान बंगला था, जिसे कुर्क किया जा चुका है। इस बंगले में स्वीमिंग पूल से लेकर कई लग्जरी सुविधाएं थीं।

इस बंगले में माफिया अतीक के साथ ही उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन और बच्चे भी कभी-कभी रहा करते थे। इसके अलावा लखनऊ व प्रयागराज में दो और संपत्तियां हैं। पुलिस का कहना है कि गैंगस्टर एक्ट में जब्त की गई सभी प्रापर्टी पर सीपी कोर्ट में सुनवाई हुई, लेकिन विपक्षी की ओर कोई साक्ष्य, अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया जा सका। इसके उपरांत सभी संपत्तियों की पत्रावली गैंगस्टर कोर्ट में स्थानांतरित की गई हैं।

Story Loader