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माघ मेले की खूबसूरती बढ़ाने संगम पहुंचे हजारो मील से विदेशी मेहमान, पयर्टकों के लिए बने आकर्षण का केंद्र

साइबेरिन पक्षियों के आने से बढ़ी संगम तट की खूबसूरती

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 Siberian birds

साइबरियन पक्षी

इलाहाबाद. इलाहाबाद के संगम तट की खूबसूरती बढ़ाने एक बार फिर विदेशी मेहमान साइबरियन पक्षी हजारो मील की उड़ान भर पहुंच गए हैं। ठंडे प्रदेशों से पहंुचे ये विदेशी मेहमान हर बार तरह इस बार भी अपनी खूबसूरती और मिलनसार व्यहार से लोगों का दिल जीतने के लिए तैयार हैं। संगम तट पर इन्हें देखने के लिए अभी से संगम पहुंचने लगे हैं।

इलाहाबाद पूरी दुनिया में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदी के संगम के कारण प्रसिद्ध है। संगम के इस तट पर हर साल माघ मेले का आयोजन होता है। इसके अलावा हर छह साल पर कुंभ और 12 साल पर महाकुंभ का आयोजन होता है। यहां लगने वाले इन खूबसूरत मेले को देखने और संगम स्नान करने के लिए करोड़ो श्रद्धालू पहुंचते हैं।

यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मेले की खूबसूरती के साथ साइबेरियन पक्षियों की खूबसूरती दिल जीत लेती है। लोग इन्हें अपने पास बुलाने के लिए खाने की चीजे नदी में फेंकते हैं। खाने की चीजंे हवा में उछालते ही साइबेरियन पक्षी उनके पास आ जाते हैं। इस दौरान लोग उनकी खूबसूरती के साथ खुद भी कैमरे में कैद होने के लिए आतुर नजर आते हैं।

बर्फबारी के कारण छोड़ना पड़ता है अपना देश

ठंड मंे हर साल साइबेरियन पक्षी इलाहाबाद की धरती पर कदम रखते हैं। पिछले कुछ सालों से इनकी संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। ये साइबेरियन पक्षी स्विटजरलैंड, साइबेरिया, जापान, रूस सहित विश्व के अन्य ठंडे देशों से संगम तट पर पहंुचते हैं।

ऐसा कहा जाता है कि इस उन देशों में काफी बर्फबारी होती है। ऐसे में ये भोजन की तलाश में अपना देश छोड़ यहां पहुंचते हैं। अक्टूबर महीने से इनका आना शुरू हो जाता है। ये यहां मार्च तक रहते हैं। इन विदेशी पक्षियों को देखने के लिए गंगा, यमुना घाटों पर लाखों श्रद्धालू पहुंचते हैं।

इस साल देर से पहुंचे साइबेरियन पक्षी

हर साल साइबेरियन पक्षियों का आगमन अक्टूबर-नवम्बर के बीच हो जाता है। इस साल ये अन्य सालों की अपेक्षा काफी विलंब से संगम नगरी पहुंचे। जिसके पीछे मुख्य वजह यहां प्रदूषण के कारण कई दिनों तक पड़ी गर्मी मानी जा रही है। इस बीच ठंड में थोड़ी बढ़ोत्तरी हुई है। ऐसे में साइबेरियन पक्षियों का अचानक तेजी से आगमन हुआ है।