15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

 युवाओं पर भाजपा नेता वरुण गांधी का बड़ा दांव

राजनीति में युवाओं के लिए 20 फीसदी सीटें हों आरक्षित-वरूण

2 min read
Google source verification

image

Ashish Kumar Shukla

May 01, 2016

varun

varun

इलाहाबाद. इलाहाबाद आगमन पर सांसद वरूण गांधी रविवार को युवाओं व किसानों के हित में खडे नजर आए। वरूण गरीब तबके के युवाओं को भी राजनीति में प्रवेश करने का आह्वान किया। साथ ही 20 फीसदी सीटों पर 40 साल से कम उम्र के लोगों के आरक्षण की मांग की।

इलाहाबाद आगमन पर वरूण गांधी ने रविवार खुद को सुल्तानपुर का सांसद और इलाहाबाद का बेटे कहते हुए अपना परिचय दिया। उन्होंने कहा कि 40 साल से कम उम्र के लोगों को जो 20 फीसदी सीटें आरक्षित हों वो ग्राम प्रधान के लिए, जिला परिशद, बीडीसी, चान्सलर जैसे चुनाव के लिए हों। राजनीति में युवा खून के आने से देश की तरक्की सम्भव होगी। युवाओं को आरक्षित सीट मिलने से वह नीचले स्तर से राजनीति को सीख सकेगा।

क्योंकि वर्तमान में युवा तो राजनीति में प्रवेश करता है लेकिन शिखर तक जाते जाते उसका खून थक जाता है। वरूण गांधी का कहना था कि राजनीति में केवल अमीर वर्ग नजर आ रहा है। गरीब तबका मंच के नीचे बैठा नजर आ रहा है। देश में चल रही राजनीति पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज धर्म, जाति व क्षेत्रवाद के नाम पर राजनीति हो रही है। जब कि देश में शिक्षा व अशिक्षा के लिए लडाई लडने की जरूरत है।

धर्म और जाति का अपना अलग स्थान है पर राजनीति में नहीं है। इस दौरान वरूण ने किसानों की बदहाल स्थित पर चिंता जाहिर करते हुए लोगों को आगे आने को कहा। इसके अलावा देश के टाॅप 100 अमीर वर्ग को देश के जिलों को गोद लेने की बात कही। ताकि देश की गरीबी को कम किया जा सके। उन्होंने देश की शिक्षा, स्वास्थ्य व अर्थव्यवस्था पर गहरी चिंता जाहिर की। गरीब वर्ग के लोगों के मुुफ्त इंश्यूरेंस करने सहित कई अन्य सुविधाओं को शुरू करने की बात कही।

विदेशी निवेश केवल मिलेगी आधी थाली

वरूण गांधी ने देश की अर्थव्यवस्था को खुद के पैरों पर खडा लाने की बात कही। साथ ही कहा कि वर्तमान में 80 फीसदी निवेश केवल पांच राज्यों पर हो रही है। जो दिल्ली, तमिलनाडू, कर्नाटक व दो अन्य राज्य शामिल है। यूपी के हिस्से में काफी कम हिस्सा आता है। अगर हम विदेशी निवेश पर निर्भर होंगे तो आधी थाली ही हमारे हिस्से में आएगी।

ये भी पढ़ें

image