
Chandra Shekhar Azad: शहर में स्थित चंद्रशेखर आजाद पार्क वही जगह है जहां अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद ने खुद को गोली मार शहीद कर लिया था। उन्ही की जयंती के अवसर पर काव्य पाठ, आल्हा गायन और आजाद की जीवन- यात्रा पर आधारित नाट्य मंचन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए।
आजाद अमर रहें.....
रविवार को आजाद की जयंती के अवसर पर सुबह से ही श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी रहा। पुलिस बैंड पर शौर्य धुन के साथ 21 राउंड गोलियां चलाकर रविवार को जयंती पर अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद को नमन किया गया। कविताओं और गीतों के जरिए उनकी वीरता का बखान किया गया। आजाद अमर रहें... के जयकारे भी गूंजते रहे।
आल्हा सुन झूम उठे लोग
जहां मिल जाए सांडर्स...एके गोली में देब उड़ाए- यह प्रतिज्ञा है अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जिन्होंने भारत से अंग्रेजी हुकूमत को उखाड़ फेंकने का फैसला कर लिया था। इसका जिक्र आल्हा गायन में किया गया। दरअसल, उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज ने आल्हा गायन और नाट्य मंचन का आयोजन किया। वीर रस से भरे आल्हा गायन को कलाकार फौजदार सिंह ने कुछ इस तरह पेश किया कि सामने बैठे सारे लोग झूम उठे। देशभक्ति से भरा यह आल्हा गायन अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के जीवन पर आधारित, जिसमें उनके जन्म से लेकर उनके शहीद होने तक का चित्रण किया गया।
युवाओं ने कैंडल जलाकर दी श्रद्धांजलि
शहर के कई सारे सामाजिक संगठनों ने पुष्प अर्पित कर आजाद को श्रद्धांजलि दी। इसी क्रम में रविवार की शाम को युवाओं ने आजाद की मूर्ति पर कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। क्षेत्रीय अभिलेखागार (यूपी संस्कृति विभाग ) ने आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत आजाद की गौरव गाथा पर आधारित अभिलेख एवं चित्र प्रदर्शनी आयोजित किया।
Updated on:
24 Jul 2023 09:04 am
Published on:
24 Jul 2023 07:17 am
बड़ी खबरें
View Allप्रयागराज
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
