29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

PCS 2017 Pre: पीसीएस का पेपर बनाने वालों को ही नहीं आता इन प्रश्नों का जवाब, आयोग ने हटाए सवाल

पीसीएस प्री 2017 की परीक्षा का मामला

2 min read
Google source verification
PCS Pre-2017

पीसीएस प्री 2017

इलाहाबाद. लोक सेवा आयोग के पीसीएस प्री 2017 की परीक्षा का प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विषय विशेषज्ञों को ही उनके जबाव नहीं आते। आयोग ने ऐसे चार विवादित प्रश्नों को हटाने में भी भलायी समझी। मालूम हो कि गलत प्रश्नों के कारण कई बार आयोग न्यायिक विवाद में उलझा है। इससे आयोग की छवि पर काफी बुरा प्र्रभाव पड़ा है।

पिछली बार की तहर इस बार भी लोक सेवा आयोग ने जिन लोगों को पीसीएस प्री 2017 का पेपर सेट तैयार करने कहा। वह गलत साबित हुए हैं। प्रश्नपत्र तैयार करने वालों को यह भी नहीं मालूम कि भारत का सबसे बड़ा बंदरगाह कौन सा है। इसी प्रकार से तीन अन्य प्रश्न भी हैं जिनका जबाव गलत मिला। इसके बाद आयोग ने ऐसे विवादित प्रश्नों को हटा लिया। गलत प्रश्नों के कारण ही मामला हाईकोर्ट गया। पीसीएस 2016 की मुख्य परीक्षा का परिणाम अब तक घोषित नहीं हो सका है। गलत प्रश्नों के कारण पीएसएस जे प्री 2013 का परिणाम संशोधित करना पड़ा था। पुराने विवाद को देखते हुए ही इस बार आयोग ने विवादित चार प्रश्नों से किनारा कर लिया है।

आयोग ने इन चार प्रश्नों को हटाया

पीसीएस प्री 2017 के प्र्रश्नपत्रों में चार सवाल विवादित मिले हैं। इसमें पहला हरित गृह प्रभाव से वातावरण में कौन सा परिवर्तन होता है? दूसरा भारत का सर्वाधिक गहरा बंदरगाह कहां है?, तीसरा किसने ईस्ट इंडिया कंपनी के बारे में यह टिप्पणी की थी कि कंपनी एक असंगठित है परंतु यह उस व्यवस्था का भाग है जहां सबकुछ ही असंगत है? और चैथा इन युग्मों से कौन सहित सुमेलित नहीं है? पावना विद्रोह-1873, दक्कन किसान विद्रोह-1875, सन्यासी विद्रोह-1894, कोल विद्रोह 1870 ।

ऐसे होता है प्रश्न पत्र तैयार

लोक सेवा आयोग की ओर से विभिन्न विषय विशेषज्ञों के द्वारा प्रश्न लेकर पीसीएस सहित अन्य परीक्षाओं के लिए प्रश्न बैंक तैयार करता है। विशेषज्ञों से उनके उत्तर नहीं लिए जाते। प्रश्न बैंक से ही प्रश्न पत्र तैयार किया जाता है। परीक्षा होने के बाद आयोग विशेषज्ञों से प्रश्न पत्र हल करवाता है। उनके दिए जवाब से ही उत्तर कुंजी तैयार की जाती है। इस पर परीक्षार्थियों से आपत्तियां ली जाती हैं। आपत्तियों के निस्तारण के लिए विशेषज्ञों की दूसरी कमेटी बैठती है। इसमें पूर्व में प्रश्न तैयार करने वाले विशेषज्ञ शामिल नहीं किए जाते। दूसरी कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर संशोधित उत्तर कुंजी तैयार की जाती है। इसी आधार पर ओएमआर का मूल्यांकन कर परिणाम घोषित किया जाता है।

Story Loader