
वीर सावरकर पर कांग्रेस का विवादित बयान,कहा अंग्रेजो से लिखित माफ़ी मांगने के प्रमाण
प्रयागराज। वीर सावरकर को लेकर एक बार फिर कांग्रेस का तीखा बयान समाने आया है। कांग्रेस सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल जी देसाई ने हिन्दुत्व के प्रेरणा स्रोत रहे विनायक दामोदर सावरकर पर आपत्तिजनक बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि विनायक दामोदर सावरकर वीर थे या नहीं थे इस पर सवालिया निशान है। पूरे देश में यह चर्चा का भी मुद्दा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में लोगों ने गोलियां और लाठियां खांयी लेकिन अंग्रेजों के सामने घुटने नहीं टेके। वहीं विनायक दामोदर सावरकर ने अंग्रेजों से 11 बार माफी मांगी थी, जिसमें नौ बार लिखित माफी मांगने का प्रमाण आज भी मौजूद है।
अंग्रेजों से मिलती थी पेंशन
कांग्रेस सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल जी देसाई ने सवाल खड़े करते हुए कहा है कि जब हाईस्कूल के शिक्षक को सात रुपये से लेकर 12 रुपये तक वेतन मिलता था। उस दौर में आखिर विनायक दामोदर सावरकर को अंग्रेज किसलिए 60 रुपये मासिक पेंशन देते थे। उन्होंने देश के बंटवारे के लिए विनायक दामोदर सावरकर को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि सबसे पहले सावरकर ने ही देश के बंटवारे का विचार देश के सामने रखा था। उन्होंने ही यह विचार जिन्ना और देश के लोगों के दिमाग में डालने का काम किया था। इसलिए सावरकर मेरे लिए वीर नहीं हो सकते हैं। आरएसएस और बीजेपी पर हमला करते हुए कहा है कि अंग्रेजों की कमाई खाने वाले को अगर ये लोग वीर कहते हैं तो उन्हें ही मुबारक हो।
सावरकर पर लिखी किताब बांटी जाएगी
कांग्रेस सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल जी देसाई ने कहा है कि विनायक दामोदर सावरकर पर 16 पन्नों की एक पुस्तक भी फरवरी 2019 में प्रकाशित की गई है। जिसमें सभी तथ्य प्रमाणिक आधार पर ही लिखे गए हैं। उन्होंने कहा है कि यह पुस्तक माघ मेले में भी लोगों के बीच बांटी जायेगी और विनायक दामोदर सावरकर से जुड़ी सच्चाई देश के लोगों के सामने लायी जायेगी। इस मौके पर कांग्रेस सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल जी देसाई ने माघ मेले में कांग्रेस सेवादल के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन किया। तीन दिवसीय विशेष समर्थ प्रशिक्षण शिविर में देश के सामाजिक, आर्थिक, संवैधानिक व कृषि मुद्दों पर चर्चा होगी।
Published on:
06 Feb 2020 09:03 am
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