
Priyanka Gandhi
प्रयागराज. कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी सक्रिय राजनीति में आने के बाद भले ही पहली बार प्रयागराज पहुंची हैं। लेकिन इसके पहले भी प्रियंका अपने पुरखों के घर आती रही है। प्रियंका गांधी के आगमन को लेकर कांग्रेस नेताओं में दशकों बाद इतना उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रियंका सोमवार को प्रयागराज से जल मार्ग द्वारा काशी तक की यात्रा के लिए पहुंची है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्याम कृष्ण पांडे बताते हैं कि प्रियंका परिवार के साथ 1984 में अपनी दादी इंदिरा गांधी का अस्थि कलश लेकर स्वराज भवन आई थीं। तब प्रियंका के साथ पिता राजीव गांधी, मां सोनिया और भाई राहुल भी थे। 1991 में पिता राजीव गांधी का अस्थि कलश लेकर मां और भाई के साथ प्रियंका स्वराज भवन और संगम पहुंची थीं। प्रियंका का प्रयागराज आगमन कई बार ऐसा भी रहा जिसे सुर्खियों से दूर रखा गया। प्रियंका 2007 और 2012 में भी स्वराज भवन में आई थीं और रात्रि विश्राम किया था। 2007 में ऊंचाहार में प्रचार के बाद प्रियंका रात में अकेले ऊंचाहार से प्रयागराज पहुंची और स्वराज भवन रुकीं। तब प्रियंका ने सिविल लाइंस के रेस्तरां से डिनर मंगवाया था। 2012 में स्वराज भवन प्रियंका बेहद गोपनीय तरीके से आई। और विश्राम कर सुबह दिल्ली के लिए रवाना हो गई ।श्याम पांडे के अनुसार प्रियंका का दौरा व्यक्तिगत पारिवारिक होने के कारण इसे मीडिया से दूर रखा जाता था।
आखरी बार 21 नवंबर 2016 को प्रियंका गांधी स्वराज भवन आई थी। उस समय भी मां सोनिया गांधी और राहुल गांधी देर शाम आनंद भवन पहुंचे थे ।नेहरू गांधी का परिवार पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जन्म शताब्दी समारोह में भाग लेने के लिए शहर में उपस्थित था। सोनिया गांधी ने स्वराज भवन में इंदिरा गांधी के चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया था। उद्घाटन के बाद सोनिया और राहुल के साथ प्रियंका कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित शहर के अन्य गणमान्य लोगों से भी मुलाकात किए थे। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता किशोर वाष्णेय ने बताया कि इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने के बाद राहुल गांधी दिल्ली वापस चले गए थे। लेकिन प्रियंका गांधी माँ सोनिया के साथ स्वराज भवन में रुकी थी।
BY- Prasoon Pandey
Updated on:
18 Mar 2019 09:38 am
Published on:
18 Mar 2019 09:37 am
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