डीसीपी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि आरोपी दरकशा बानो नाबालिग को प्रयागराज से पहले दिल्ली लेकर गई और उसके बाद वे केरल गए, जहां नाबालिग का धर्म परिवर्तन कराया गया। नाबालिग का आरोप है कि वहां कुछ संदिग्ध लोगों से भी उसकी मुलाकात कराई गई जिन्होंने पैसों का लालच दिया। इतना ही नहीं, उस पर जिहाद की ट्रेनिंग लेने का दबाव बनाया गया। हालांकि, वह किसी तरह वहां से भाग निकली और स्थानीय थाने पहुंची, और इसके बाद उसके परिजनों से संपर्क किया गया।