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इविवि के छात्रसंघ अध्यक्ष ने लगवाई होर्डिंग, जेल में बंद अपराधियों का किया आभारव्यक्त 

ABVP के रोहित मिश्र अभी हाल ही में बने हैं विवि के छात्रसंघ अध्यक्ष

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Ashish Kumar Shukla

Oct 04, 2016

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इलाहाबाद. पूरब के आक्सफोर्ड में तीन दशक बाद छात्र संघ की सत्ता का अध्यक्ष पद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के झोली में आया कार्यकर्ता से लेकर पदाधिकारी तक इस जीत की खुसी से गदगद है परिषद् ही नहीं संघ के सभी विचार और अनुशागिंक संगठन भी सडको से लेकर सोशल साईट तक पर गुडगान करते नही थक रहे अशोक सिघल का नाम लेकर निर्वाचित अध्यक्ष ने उन्हें श्रधान्जली दी तो वही जीत की ख़ुशी दोगुनी हो गई जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने यह कहते हुए बधाई दी की प्रदेश में बदलाव शुरू हो गया है अध्यक्ष और संगठन को बधाई लेकिन यह ख़ुशी थोड़ी देर में इविवि के शिक्षक समेत छात्रो और छात्र राजनीती में दिल चस्पी रखने वाले शहरियों को अखरने लगी

आपको बतादे की विवि के नव निर्वाचित अध्यक्ष ने बीती रात शहर के कई प्रमुख चौराहों पर सजायाआफता विवि के पूर्व महामंत्री अभिषेक सिंह माइकल के साथ होर्डिंग लगवाई और शुभ कामनाये दी बताते चले की अभिषेक सिंह माइकल २०१२ में छात्र संघ का चुनाव मैदान में था और साथ में अभिषेक सिंह सोनू भी माइकल महामंत्री और सोनू अध्यक्ष चुनाव से ठीक पहले दोनों में होर्डिंग लगाने को लेकर विवाद हो गया जिसमे माइकल ने सोनू को गोली मार दी उसके पहले भी विवि के दो छात्रो को गोली मरने के मामले में माइकल को जेल हो चुकी थी जमानत पर बाहर माइकल छात्र राजनीती को जरिया बना कर सियासत में आने को बेताब था और फिर चुनाव से पहले सोनू को गोली मरने के मामले में गिरफ्तार हो गया जिसमे माइकल समेत अन्य चार को हाइकोर्ट से १० १० साल की सजा हो चुकी है हलाकि सोनू भी हत्या के प्रयास के मुकदमे जेल में बंद है

नवनिर्वाचित अध्यक्ष रोहित मिश्रा की होर्डिंग से एक बार फिर माइकल तो चर्चा में है लेकिन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् संघ और विहिप के कार्यकर्ता अचानक सोशल साईट से लेकर सडको तक सन्नाटे में है और जबाब देना कठिन हो रहा पूरा चुनाव समाजवादी छात्र सभा को गुंडों का संगठन बताने वाला परिषद् गजब अपने ही नेता के चक्कर में फस गया है माइकल २०१२ में एन एस यू आई के पैनल से चुनाव लड़ा था और परिषद् को करारी हार का सामना करना पड़ा था माइकल पर दर्जन भर अपहरण एहत्या का प्रयास एलुटए धमकाना और घरो में कब्ज़ा करने जैसे मुकदमे है

विवि के अध्यक्ष और परिषद् के कार्यकर्ता रोहित मिश्रा संघ के भी चहेते है और मंच से सिघल के प्रति आभार जाता इसे और मजबूत करने की कोशिश की लेकिन होर्डिंग के बाद अपनी भावनाओ को सोशल साईट पर भी व्यक्त किया जिसमे माइकल समेत जेल में बंद शातिर अपराधी अचुत्तानन्द शुक्ता सुमित का भी आभार प्रकट किया सुमित भी २०१२ में उपाध्यक्ष पद के उमीदवार था पर सफलता नही मिली सुमित ने भरी कचहरी में सिपाही पर गोली चलाई थी इस समय लखनऊ के चर्चित दोहरे हत्या काण्ड का मुख्या आरोपी है पुलिस ने इसकी गिरफतारी से पहले ५० हजार का इनाम रखा था और अभी लखनऊ जेल में बंद है

अध्यक्ष बनते ही रोहित मिश्रा की ये चाल लोगो के समझ में नहीं आई की चुनाव के दरमियान अपने काफिलो के हुजूम को लेकर चर्चित रोहित का चुनाव शानदार जीत के बाद राजनीत और अपराध के गटबंधन के चरित्र को दर्शाता है रोहित मिश्रा के होर्डिंग वार से उनके समर्थको समेत संगठन भी बैकफुट पर है परिषद् के प्रयाग संगठन मत्री अलोक पाण्डेय से पत्रिका ने पूछा की छात्रो की इस जीत का शेहरा किसी अपराधी के सर कैसे बांधा जा सकता है इससे तो संगठन और छात्र हित की बात करने वाली सत्ता पर ही सवाल है तो अलोक जी ने पत्रिका से बताया की संघटन से कोई बड़ा नही है हलाकि रोहित से इस विषय पर अभी बात नही हुई है लेकिन अगर ऐसा हुआ है तो इसका स्पष्टी करण देना होगा संघठन भी इस पर विचार कर रह है की इस तरह की घतान्ये आगे से ना हो वही सक्षास से प्रत्याशी रहे अजित यादव का कहना है की इनके मूल संघटन में ही कथनी और करनी में अंतर है तो ये तो होना ही था बस यही कहूँगा की संघर्ष हार गया और साजिश जीत गई अभी और देखिये क्या क्या करते है छात्रहित और राष्ट्रहित में हमे गुंडा कहने वाले पुरे शहर में अपराधियों की होर्डिंग लगा कर उन्हें महिमामंडित कर रहे है

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