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कोरोनानामा- बुजुर्गों की अनकही दास्तान पुस्तक का अनावरण

पुस्तक 'कोरोनानामा- बुजुर्गों की अनकही दास्तान' मूलरूप से रिपोर्ताज-संग्रह है, जो कोरोना-काल में बुजुर्गों के प्रति सजगता को परिलक्षित करती है

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
प्रयागराज. रविवार को मशहूर कवि कुमार विश्वास कोरोनानामा- बुजुर्गों की अनकही दास्तान के मुख्यपृष्ठ का अनावरण किया। इस दौरान गीतकार डॉ. श्लेष गौतम और पुस्तक के संपादक व युवा स्तम्भकार अमित राजपूत द्वारा किया गया। पुस्तक 'कोरोनानामा- बुजुर्गों की अनकही दास्तान' मूलरूप से रिपोर्ताज-संग्रह है, जो कोरोना-काल में बुजुर्गों के प्रति सजगता को परिलक्षित करती हुई उनकी विशिष्ट भूमिकाओं पर केन्द्रित एक ग्राउण्ड रिपोर्ट है।

बताया गया कि इस पुस्तक में पाठकों को सामाजिक आपातकाल में वरिष्ठ नागरिकों की सेवा, सहयोग और सम्मान के कुछ अप्रतिम उदाहरणों के बारे में पढ़ने को मिलेगा। इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से प्राप्त कुल आठ रिपोर्ताज शामिल किये गये हैं। इन्हें देश के विभिन्न प्रान्तों के पेशेवर व गैर पेशेवर पत्रकारों और रिपोर्टर्स ने लिखे हैं, जिनका संपादन अमित राजपूत ने किया है। अमित राजपूत इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुराछात्र और हॉलैण्ड हाल छात्रावास के अंत:वासी रहे हैं।
इस पुस्तक का प्रकाशन नई दिल्ली स्थित प्रभात प्रकाशन कर रहा है, जो शीघ्र ही प्रकाशित होगी और पाठकों तक पहुंचेगी।