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काशी में दर्शन के नाम पर लूट! संकट मोचन और काल भैरव पहुंचाने के लिए वसूले जा रहे मनमाने पैसे

काशी में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से ज्यादा पैसा वसूला जा रहा है। जिन मंदिरों तक जाने का किराया आम तौर पर 20 से 50 रुपये होता है, वहां बाइक सवार 100 से 200 रुपये तक वसूल रहे हैं।

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काशी में भक्तों से हो रही मनमानी

काशी में भक्तों से हो रही मनमानी

काशी में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से ज्यादा पैसा वसूला जा रहा है। जिन मंदिरों तक जाने का किराया आम तौर पर 20 से 50 रुपये होता है, वहां बाइक सवार 100 से 200 रुपये तक वसूल रहे हैं। जांच में सामने आया कि कई बाइक सवार बिना अनुमति के काम कर रहे हैं। वे ऑनलाइन बाइक बुकिंग ऐप का नाम लेकर श्रद्धालुओं को बहकाते हैं और उनसे ज्यादा किराया लेते हैं।

यात्रियों को नहीं दिया जाता हेलमेट

इतना ही नहीं, ये लोग सुरक्षा नियमों का भी पालन नहीं कर रहे हैं। पीछे बैठने वाले यात्रियों को हेलमेट नहीं दिया जाता और कई बार एक बाइक पर तीन लोगों को बैठा लिया जाता है, जो नियमों के खिलाफ है। वहां के श्रद्धालुओं का कहना है कि इस मनमानी वसूली से उन्हें काफी परेशानी हो रही है। लोगों ने प्रशासन से ऐसे बाइक सवारों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

दुर्घटना होने पर यात्री छोड़कर भाग जाते हैं बाइक सवार

काशी में दर्शन के लिए आने वाले लोग ऑनलाइन ऐप के जरिए कार, ऑटो और बाइक बुक करते हैं। ऐप पर सवारी लेने और छोड़ने की जगह, ड्राइवर का नाम, गाड़ी का नंबर और किराया पहले से दिख जाता है। अगर यात्रा के दौरान कोई समस्या होती है, तो ऐप पर ही शिकायत भी दर्ज की जा सकती है।लेकिन काशी में कई निजी बाइक सवार बिना अनुमति के लोगों को बैठा रहे हैं। दुर्घटना या विवाद होने पर ऐसे बाइक सवार यात्रियों को वहीं छोड़कर भाग जाते हैं, जिससे बाद में उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। निजी बाइक से सवारी बैठाना नियमों के खिलाफ है। एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि चौक और दशाश्वमेध थाना पुलिस को ऐसे अनधिकृत बाइक सवारों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

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