
Amrit-Rajyog, Dhanteras will have riches of rain
इलाहाबाद. दीपावली का त्योहार पांच दिनों का त्यौहार होता है जिसकी शुरुआत धनतेरस के साथ होती है। कार्तिक त्रयोदशी तिथि को भगवान धनवतंरी का जन्म हुआ था। इस वजह से इस दिन को धन तेरस के रुप में मनाते हैं। वह अमृत कलश लेकर पैदा हुए थे इस वजह से आज के दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है। इस बार धनतेरस 5 नंवबर को है। सूर्यास्त के बाद 2 घंटे 24 की अवधि को प्रदोषकाल के नाम से जाना जाता है। प्रदोषकाल में दीपदान या लक्ष्मी पूजा करना शुभ माना जाता है।
5 नंवबर को सूर्यास्त समय शाम के 5:30 तक रहेगा। इस समय अवधि में स्थिर लग्न 6:10 से लेकर 8:09 तक वृषभ लग्न में रहेगा। तय मुहूर्त में पूजा करने पर घर परिवार में लक्ष्मी मां की कृपा मिलती है। धनतेरस के लिए शुभ मुहूर्त 6:10 से लेकर 8:04 तक रहेगा।
धनतेरस के दिन क्या खरीदें
इस दिन लोग सोना चांदी, गाड़ी, बर्तन, फ्रिज, टीवी, स्कूटर जैसे कई सामान खरीदते हैं। अरग आप इतने सामर्थ्य ना हो तो स्टील के बर्तन भी खरीद सकते हैं। इस दिन खरीददारी करने से घर परिवार, ऑफिस में सुख समृद्धि आती है।
कुबेर भगवान का ध्यान करते हुए इस मंत्र का जाप करें
यक्षाय कुबेराय वेश्रवणाय धन धान्य अधिपतये
धन धान्य सम-द्धि में देहि दापय स्वाहा
Published on:
29 Oct 2018 02:10 pm
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