इलाहाबाद. हाईकोर्ट ने अपनी खेती की जमीन से मिट्टी खोदने पर एडीएम खनन प्रभारी अधिकारी मथुरा द्वारा रायल्टी व अन्य कर के रूप में साढ़े तीन लाख की वसूली नोटिस व मांग को अवैध करार दिया है।
कोर्ट ने कहा है कि याची पर खेत से एक मीटर मिट्टी निकालने के आरोप में कर लगाया गया है। जबकि उत्तर प्रदेश लघु खनिज (छूट) नियमावली 1963 के तहत खेत से ईंट भटठा या बर्तन बनाने के लिए दो मीटर गहराई तक किया गया खनन कर के दायरे से बाहर है। प्रभारी अधिकारी ने नियमों के विरुद्ध जारी वसूली नोटिस को गलत ठहराया है। यह आदेश न्यायमूर्ति तरूण अग्रवाल व न्यायमूर्ति विपिन सिन्हा की खण्डपीठ ने बृजमोहन गौतम की याचिका पर दिया है।
याचिका पर अधिवक्ता दिनेश राय का कहना था कि याची को कारण बताओ नोटिस दी गयी कि उसने कृषि योग्य खेत से 25 गुणा 73 मीटर लम्बाई व चैड़ाई से एक मीटर गहरी मिट्टी खोदी है, जो खनन कानून का उल्लंघन है। बिना रायल्टी आदि कर का भुगतान किया गया खनन अवैध है।