
प्रधानों ने देखी टायलेट एक प्रेम कथा
इलाहाबाद. जिले के 500 ग्राम प्रधानों ने एक साथ सोमवार को शहर के एक सिनेमा हाॅल में “टाॅयलेट एक प्रेम कथा” फिल्म देखी। यह फिल्म जिला प्रशासन की ओर से दिखाई गई थी। जिसका उद्देश्य ग्राम प्रचायतों को खुले में शौच मुक्त करने के लिए प्रधानों को जागरूक करना था। फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म “टाॅयलेट एक प्रेम कथा” में घर में शौचालय के महत्व को दर्शाया गया है। घर में शौंचालय नहीं रहने से कैसी कैसी परेशानियां आती हैं, उसे बहुत ही खूबसूतर अंदाज में पेश किया गया। फिल्म पूरी तरह से स्वच्छता अभियान के लिए प्रेरित करने वाली है। लोगों कों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से स्वच्छता अभियान को जोडती है। साथ ही लोगों को घर में शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित भी करती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने आज जिले के 500 ग्रामीण क्षेत्र के प्रधानों को “टाॅयलेट एक प्रेम कथा” फिल्म दिखाया। साथ ही 100 अतिरिक्त ग्रामीणों को भी फिल्म दिखाई गई। फिल्म सुबह साढ़े नौ बजे से प्रांरभ हुई। फिल्म को देख मौजूद प्रधानों ने ना केवल ठहाके लगाए बल्कि उन ठहाकों के पीछे छुपे कारण और महत्व को भी समझा। उन्होंने फिल्म देखने के बाद खुद ही शौचालय के महत्व बताया। इस दौरान डीएम संजय कुमार ने कहा कि इस फिल्म के माध्यम से ग्राम प्रधानों को ग्रामीण क्षेत्र शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित किया गया। गंगा के किनारे ओडीएफ हुए 122 ग्राम पंचायतों के अतिरिक्त भी अन्य गांवों के ग्राम प्रधानों ने भी फिल्म देखा। उन्होंने कहा कि जिले के ना केवल 122 ग्राम पंचायतें बल्कि अन्य गांव भी खुले में शौच मुक्त होना चाहिए।
इससे ग्रामीण क्षेत्रों में गंदगी नहीं होगी। जिससे संक्रमित बीमारियों डायरिया, फ्लू, डेंगू इत्यादि पर रोक लगेगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि शौचालय होने से महिलाओं को भी सम्मान मिलेगा। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं से अपील किया है कि वे घर-घर जाकर ग्रामीण महिलाओं को शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित करें ताकि हर घर में शौचालय का निर्माण हो सके। इस दौरान डीएम संजय कुमार ने सिनेमा में मौजूद सभी लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। फिल्म देखने के बाद कोरावं के ग्राम प्रधान राम बहादुर ने कहा कि इस फिल्म ने उनको शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित किया है। वे अपने क्षेत्र के अलावा अन्य क्षेत्रों के लोगों को भी शौचालय बनवाने के लिए कहेंगे। धनूपुर के ग्राम प्रधान कमलेश व अवधेश मिश्रा ने कहा कि फिल्म ने बहुत ही रोचक तरीके से शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित किया। प्रतापपुर से आये ग्राम प्रधान साधु शरण उपाध्याय ने कहा कि महिलाओं के सम्मान के लिए जरूरी है कि घर-घर में शौचालय बने।
Published on:
22 Aug 2017 11:43 am

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