
प्रयागराज सामूहिक हत्याकांड: पांच मौत का पांच महत्वपूर्ण तथ्य, सबूत कर रहे इधर इशारा
प्रयागराज: एक ही परिवार के पांच सदस्यों के हत्या मामले में अब तक सात लोगों को पुलिस न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। घटना स्थल पर मिले सुसाइड नोट के आधार पर जांच करने के बाद हालात व सबूत हत्या के बाद खुदकुशी की ही ओर इशारा कर रहे हैं। अभी तक पुलिस ने स्पष्ट रूप से खुलासा नहीं किया है कि यह हत्या है या फिर खुदकुशी है। लगातार जांच कर रही टीम के सामने ने कई बातें सामने आईं, जो पुलिस की ही थ्योरी को और बल दे रही हैं। क्राइम सीन पर मिले सुसाइड नोट के आधार पर और राहुल के करीबी संदीप पाल के बयान से केस पलट से गया है। पुलिस अफसरों का कहना है कि क्राइम सीन पर मिले सबूत के आधार जांच जारी है जितने भी आरोपी शामिल है सभी पर कार्रवाई की जाएगी।
क्या हत्या के बाद राहुल ने की खुदकुशी
पांच हत्या मामले में जांच टीम की थ्योरी कभी-कभी बदल जा रही है। ससुराल पक्ष का बयान से और सुसाइड नोट पर कहानी टिकी है। एक एंगल के अनुसार राहुल ने ही पत्नी- बच्चों को मारने के बाद खुदकुशी कर ली। वहीं दूसरे एंगल में यह आशंका जताई गई कि पत्नी-बच्चों को मारने के बाद राहुल को भी मारकर फांसी पर लटका दिया गया है। लेकिन राहुल के शरीर पर चोट का निशान न होने से हत्या करने के बाद खुदकुशी जैसे मामले की ओर इशारा हो रहा है।
सुसाइड नोट पर 11 लोगों का लिखा है नाम
सुसाइड नोट पर लिखे गए 11 लोगों नाम और वह घर पर आकर पत्नी और बच्चों की हत्या कर दी । लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर साक्ष्य कुछ आये। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार राहुल के शरीर पर बिल्कुल भी चोट का निशान नहीं मिला है।
ये हैं पांच हत्या का पांच तथ्य
1. राहुल के शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं
पुलिस जांच में जब क्राइम सीन पर सुसाइड नोट के आधार जांच हुआ और राहुल की बॉडी का पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार यह क्लीयर हो गया कि राहुल के शरीर पर चोट नहीं लगी है। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि राहुल से किसी का झड़प नहीं हुई है। वह पत्नी बच्चों का हत्या करके खुदकुशी कर सकता है।
2. घर का सामान अपनी जगह सुरक्षित
राहुल के घर अंदर जो समान जहां था वह वहीं पर रखा था। लूटपाट जैसी कोई घटना नहीं हुई थी।
3. परिवार के बेहद करीबी संदीप का बयान
इसके साथ ही मृतक राहुल तिवारी के सबसे करीबी संदीप पाल के बयान के आधार बहुत सी बातें निकल कर सामने आई है। बयान के आधार पर वह कर्जदार हो गया था और मरने जैसे बहकी-बहकी बातें भी किया करता था।
4. गहरे मानसिक तनाव से जूझ रहा था
इसके साथ ही राहुल तिवारी कई महीनों से मानसिक तनाव से जूझ रहा था। जिसकी वजह स्व वह गलत कदम उठा सकता है।
5. आरोपियों की घटनास्थल पर नहीं मिली लोकेशन
सुसाइड नोट पर लिखे आरोपी के नाम का लोकेशन घटना स्थल पर नहीं मिला है। तो यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि राहुल को परेशान करने की वजह से यह कदम उठाने से पहले इनको जिम्मेदार बनाया है।
Published on:
19 Apr 2022 02:55 pm

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