
वकील
प्रयागराज. उ.प्र.बार काउंसिल प्रयागराज ने अधिवक्ता मलिक जमील अहमद को 5 वर्ष के लिए विधि व्यवसाय से निष्कासित कर दिया है। इनके किसी भी न्यायालय, न्यायाधिकरण अथवा सक्षम न्यायिक अधिकारी के समक्ष अधिवक्ता के तौर पर कार्य करने पर रोक लगा दी गयी है। इनके खिलाफ कौशाम्बी के प्राथमिक विद्यालय सिकंदरपुर बजहा, इमामगंज की सहायक अध्यापिका नीलू चौहान ने बार काउंसिल से व्यवसायिक कदाचार की शिकायत की थी।
नीलू का आरोप है कि जमील ने उनसे तलाक के केस दायर करने के लिए 22 हजार रूपये लिए किन्तु मुकदमा दाखिल नहीं किया। दूसरे वकील से परिवार न्यायालय में पुनः रूपये देकर तलाक का मुकदमा दायर करना पड़ा। जमील ने रूपये वापस करने में टाल मटोल कर रहे है और अपनी ऊंची पहुंच बताकर भारी नुकसान उठाने की धमकी दे रहे है। बार काउंसिल की कमेटी के बुलाने पर एक बार हाजिर हुए। बाद में कई तिथियों पर बुलाये जाने पर हाजिर नहीं हुए। अपने बचाव में कोई जवाब दाखिल नहीं किया। समिति ने आवेदिका के आरोपों को सही मानते हुए 5 साल तक विधि व्यवसाय करने पर रोक लगा दी है। 18 अप्रैल 19 को जारी आदेश की सूचना जमील अहमद को बार काउंसिल के सचिव द्वारा 9 सितम्बर 2019 को भेजी गयी है।
BY- Court Corrospondence
Published on:
24 Sept 2019 09:42 pm
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