23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यूपी BJP में टकराव! एक दूसरे के खिलाफ हुए योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्या, जानें पूरा मामला?

Yogi Adityanath VS Keshav Maurya: यूपी भाजपा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव मौर्या के बीच शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद ने पार्टी में गुटबाजी की खबरें तेज कर दी हैं।

2 min read
Google source verification
योगी आदित्यनाथ VS केशव प्रसाद मौर्या

योगी आदित्यनाथ VS केशव प्रसाद मौर्या Source- X

Shankaracharya Avimukteshwaranand Controversy: उत्तर प्रदेश की भाजपा में अक्सर नेताओं के बीच टकराव की खबरें सुर्खियां बनती हैं। खासकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के बीच का विवाद देशभर में चर्चा का विषय रहता है। लोग मानते हैं कि ये दोनों नेता दो अलग-अलग गुटों में बंटे हुए हैं। कहा जाता है कि केशव मौर्या को योगी आदित्यनाथ पसंद नहीं हैं, जिसकी वजह से यूपी भाजपा दो खेमों में दिखाई देती है। एक खेमे में योगी समर्थक हैं, तो दूसरे में केशव मौर्या के। हालांकि, दोनों के बीच का यह विवाद कभी खुलकर सामने नहीं आया, लेकिन हाल ही में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद ने इसे फिर से हवा दे दी है।

शंकराचार्य विवाद ने बढ़ाई तनाव

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर उठे विवाद में योगी और केशव मौर्या के बयानों ने सनसनी फैला दी। लोग कह रहे हैं कि पहली बार दोनों नेता किसी मुद्दे पर खुलकर एक-दूसरे के सामने आ गए हैं। गुरुवार को दिए गए इन बयानों के बाद यूपी भाजपा फिर से दो गुटों में बंटती नजर आ रही है। इस विवाद की वजह से पार्टी कार्यकर्ताओं में भी असमंजस है और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

केशव प्रसाद मौर्या का बयान

आजमगढ़ पहुंचे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मैं ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में प्रणाम करता हूं। उनसे प्रार्थना है कि वह स्नान कर इस विषय का समापन करें। केशव मौर्या के इस बयान को अविमुक्तेश्वरानंद के पक्ष में देखा जा रहा है। इससे लगता है कि वे शंकराचार्य की स्थिति को मान्यता दे रहे हैं और विवाद को शांत करने की अपील कर रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ का कड़ा रुख

दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अविमुक्तेश्वरानंद का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी को परंपरा बाधित करने का हक नहीं। ऐसे तमाम कालनेमि हैं, जो धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं। हमें ऐसे लोगों से सतर्क रहना होगा। संन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं होता। योगी ने 'कालनेमि' शब्द का इस्तेमाल किया, जो रामायण में रावण का मामा और मारीच का बेटा था। रावण ने उसे हनुमान को रोकने के लिए भेजा था, लेकिन हनुमान ने उसका वध कर दिया। योगी का यह बयान पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

पार्टी पर क्या असर?

दोनों नेताओं के बयानों से यूपी भाजपा में फिर से दरार साफ नजर आ रही है। एक तरफ योगी का कड़ा रुख सनातन धर्म की रक्षा पर जोर देता है, तो केशव मौर्या का बयान शंकराचार्य के प्रति सम्मान दिखाता है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह टकराव लंबे समय तक चल सकता है।

बड़ी खबरें

View All

प्रयागराज

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग