30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पूर्व विधायक विजय मिश्रा की मुसीबतें बढ़ी, भतीजे सतीश मिश्रा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, जानिए वजह

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए याची सतीश मिश्रा की ओर से कहा गया कि वह पांच महीने से जेल में बंद है। और उनका इस घटना से कोई लेना और देना नहीं है। पीड़िता कहीं और रह रही है जबकि वह प्रयागराज में रहता है। वह अपने परिवार से अलग है। जबकि प्रतिवादी के अधिवक्ता की ओर से तर्क दिया गया कि अब भी समझौते के लिए याची की ओर से दबाव बनाया जा रहा है।

less than 1 minute read
Google source verification
पूर्व विधायक विजय मिश्रा की मुसीबतें बढ़ी, भतीजे सतीश मिश्रा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, जानिए वजह

पूर्व विधायक विजय मिश्रा की मुसीबतें बढ़ी, भतीजे सतीश मिश्रा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, जानिए वजह

प्रयागराज: बाहुबली विजय मिश्रा वर्तमान में जेल में बंद होने के बावजूद मुश्किलें कम होने की नाम नहीं ले रही है। विजय मिश्रा के साथ ही उनके सगे संबंधियों पर प्रशासन की नजर है। इसी क्रम में इलाहाबाद हाईकोर्ट से पूर्व विधयाक विजय मिश्रा के भतीजे सतीश मिश्रा को राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने मामले में सुनवाई के लिए 13 जुलाई की तिथि लगाई है। उच्च न्यायालय ने सरकारी अधिवक्ता से याची के खिलाफ दर्ज मुकदमों के मामले में जानकारी भी मांगी है। मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी की पीठ ने दी है। याची सतीश मिश्रा ने हाईकोर्ट के समक्ष अपनी जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है।

पांच महीने से जेल में है बंद

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए याची सतीश मिश्रा की ओर से कहा गया कि वह पांच महीने से जेल में बंद है। और उनका इस घटना से कोई लेना और देना नहीं है। पीड़िता कहीं और रह रही है जबकि वह प्रयागराज में रहता है। वह अपने परिवार से अलग है। जबकि प्रतिवादी के अधिवक्ता की ओर से तर्क दिया गया कि अब भी समझौते के लिए याची की ओर से दबाव बनाया जा रहा है। मामले में कोर्ट ने सरकारी अधिवक्ता से याची के मामले में दर्ज मुकदमों से संबंधित जानकारी मांगी। सरकारी अधिवक्ता ने उसके लिए समय की मांग की। कोर्ट ने इस पर 13 जुलाई की तिथि तय कर दी।

यह भी पढ़ें: इलाहाबाद हाईकोर्ट: आरोपी पुलिसकर्मी निर्दोष सिखों को आतंकवादी कहकर उनकी बर्बर और अमानवीय हत्या की है, नहीं है माफी के योग्य

Story Loader