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गंगा एक्सप्रेसवे: मेरठ से प्रयागराज तक का सफर होगा सुहाना, 12 जिले के लाखों लोगों को मिलेगा लाभ

Ganga expressway Update: उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी सड़क परियोजनाओं में से एक गंगा एक्सप्रेसवे अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। यह एक्सप्रेसवे न केवल मेरठ से प्रयागराज की दूरी को घटाएगा, बल्कि लाखों यात्रियों को एक तेज़, सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव देगा।

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Ganga expressway: उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी सड़क परियोजनाओं में से एक गंगा एक्सप्रेसवे अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। यह एक्सप्रेसवे न केवल मेरठ से प्रयागराज की दूरी को घटाएगा, बल्कि लाखों यात्रियों को एक तेज़, सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव देगा। अधिकारियों का दावा है कि यदि मौसम ने साथ दिया, तो अगले तीन महीनों में यह परियोजना पूरी तरह से तैयार हो जाएगी, और 15 अगस्त 2025 को इसका भव्य लोकार्पण हो सकता है।

क्या है गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना?

गंगा एक्सप्रेसवे एक 6 लेन (फ्यूचर में 8 लेन तक विस्तारण योग्य) नियंत्रित एक्सेस हाईवे है, जिसकी कुल लंबाई 594 किलोमीटर है। यह एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक फैला हुआ है और 12 जिलों को आपस में जोड़ेगा। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण का कार्य उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) की निगरानी में चार चरणों में किया जा रहा है।

निर्माण की वर्तमान स्थिति

1. ओवरऑल प्रगति:

80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

85 प्रतिशत हिस्से में निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।

पूरे एक्सप्रेसवे की 100% ज़मीन अधिग्रहित की जा चुकी है।

2. स्ट्रक्चर निर्माण:

एक्सप्रेसवे पर प्रस्तावित 1500 स्ट्रक्चर (पुल, अंडरपास, ओवरब्रिज, इंटरचेंज आदि) में से 1460 स्ट्रक्चर पूर्ण हो चुके हैं।

मेरठ जिले में प्रस्तावित सभी 37 स्ट्रक्चर का निर्माण पूरा हो चुका है।

3. डीबीएम (Dense Bituminous Macadam):

यह सड़क की मुख्य बाइंडर सतह होती है।

82% डीबीएम कार्य पूरा हो चुका है, जिससे अब फाइनल लेयर का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

चरणवार निर्माण कार्य

गंगा एक्सप्रेसवे को चार भागों में बांटा गया है।

पहला चरण: मेरठ से बदायूं तक 129.700 किलोमीटर क्षेत्र का कार्य एक निजी कंपनी द्वारा किया जा रहा है।

इस खंड में बिजौली से नंगला बराह (बदायूं) तक लगभग सभी स्ट्रक्चर तैयार हो चुके हैं और सड़क निर्माण अंतिम दौर में है।

लोकार्पण की संभावित तिथि

हालांकि गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना का आधिकारिक लक्ष्य अक्टूबर 2025 है, लेकिन कार्य की तेज़ रफ्तार को देखते हुए अधिकारियों ने जुलाई-अगस्त 2025 तक कार्य पूरा होने का अनुमान जताया है। ऐसे में 15 अगस्त को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री द्वारा इसका उद्घाटन किए जाने की प्रबल संभावना है।

गंगा एक्सप्रेसवे: एक नज़र में

प्रभाव और लाभ

यात्रा का समय घटेगा: मेरठ से प्रयागराज तक की दूरी वर्तमान में 10-12 घंटे लगती है, जो घटकर 6-7 घंटे रह जाएगी।

आर्थिक विकास को गति: सड़क से जुड़े शहरों और कस्बों में व्यापार, निवेश और रोजगार की नई संभावनाएं बढ़ेंगी।

रक्षा और आपदा प्रबंधन में सहयोग: यह एक्सप्रेसवे रक्षा उपयोग के लिए भी महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इसमें इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप का भी प्रावधान है।

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति का प्रतीक बन रहा है। जैसे-जैसे इसके निर्माण की घड़ी अंतिम दौर में पहुंच रही है, वैसे-वैसे आम जनता के लिए एक तेज, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा मार्ग साकार होने जा रहा है। यह परियोजना न केवल यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएगी।

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