
इलाहाबाद विश्वविद्याल
इलाहाबाद. हाईकोर्ट इलाहाबाद ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में असिस्टेन्ट प्रोफेसरो की नियुक्ति में(एकेडमिक परफार्मेन्स इंडेक्स)ए पी आई को क्राइटेरिया मान कर स्क्रीनिंग करने की वैधता के खिलाफ याचिका पर तीन हफ्ते में जवाब माँगा है । कोर्ट ने चयन जारी रखने की छूट देते हुए कहा है कि परिणाम याचिका के निर्णय पर निर्भर करेगा ।
यह आदेश न्यायमूर्ति अभिनव उपाध्याय तथा न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव की खंडपीठ ने डॉ नूरूददीन मोहम्मद परवेज व 4अन्य की याचिका पर दिया है ।याची अधिवक्ता शैलेंद्र का कहना है कि ए पी आई क्राइटेरिया एसोसिएट प्रोफेसर व प्रोफेसर के चयन में देखा जा सकता है ।असिस्टेन्ट प्रोफेसर के चयन में नहीं ।चयन प्रक्रिया यू जी सी के दिशानिर्देशो व नियमावली के खिलाफ है। विश्वविद्ययालय के अधिवक्ता चंदन शर्मा का कहना है कि न्यूनतम अर्हता में कोई बदलाव नहीं किया गया है ।वल्कि बेहतर व योग्य व्यक्ति के चयन के लिए अतिरिक्त योग्यता की स्क्रीनिंग के लिए ए पी आई पर विचार किया गया है ।जिसे एकेडमिक कौंसिल व इक्जक्यूटिव कौंसिल से अनुमोदन प्राप्त है। इस पर कोर्ट ने विश्वविद्यालय से जवाब माँगा है।
By Court Correspondence
Updated on:
29 Jun 2018 04:10 pm
Published on:
29 Jun 2018 08:47 am
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