प्रदेश में अवैध खनन की सीबीआई जांच के आदेश को वापस लेने की राज्य सरकार की अर्जी की सुनवाई जारी है। अमर सिंह व कई अन्य याचिकाओं की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश डी.बी.भोसले तथा न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खण्डपीठ कर रही है।
याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता एम.डी.सिंह शेखर ने बहस की कि नर नारायण मिश्र केस में 31 मई 12 के पहले के खनन पट्टों एवं नवीनीकरण के आवेदनों को निरस्त कर दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने इसकी पुष्टि कर दी। इसके बावजूद राज्य सरकार ने कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना करते हुए खनन पट्टे देने के आवेदन मांगे। जिलाधिकारियों द्वारा टेण्डर आमंत्रित किये गये तथा अवैध रूप से पट्टे दिये गये। इसके अलावा पुलिस रिपोर्ट है कि रात में अवैध खनन हो रहा है।
जिला पंचायतों ने बैरियर लगाकर पशुओं व वाहनों से खनिज ढुलाई की दर तय की और कर वसूल कर रसीद दी है। अवैध खनन के खिलाफ कई याचिकाओं पर कोर्ट ने निर्देश जारी किये तथा कहा कि अवैध खनन रोका जाए। सरकार का हलफनामा कि अवैध खनन नहीं हो रहा है, गलत है।