
jio
इलाहाबाद. उच्च न्यायालय ने इलाहाबाद की सड़कों, फुटपाथों और पटरियों पर लगे रिलायंस जिओ के टावर को हटाने का आदेश दिया है रिलायंस जिओ कंपनी के शहर में तकरीबन 44 मोबाइल टावर लगे हुए हैं इनमें 12 टॉवर ऐसे हैं जो सार्वजनिक उपयोग जैसे सड़कों, फुटपाथों नालियों और पटरियों की जमीन पर लगाए गए हैं। कोर्ट ने इन 12 टॉवरों को तीन माह के अंदर हटाने का आदेश दिया है।
यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की पीठ ने माधवेंद्र प्रताप सिंह और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है याचिका में कहा गया था कि सड़क और फुटपाथ लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए हैं ताकि पैदल चलने वाले लोग इसका उपयोग कर सकें। जिसपर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने नगर निगम को आदेश दिया है कि जहां कहीं भी जन उपयोग के स्थान पर इस प्रकार के टॉवर लगाए गए हैं उनको तीन माह के अंदर हटाया जाए। कोर्ट ने याची को छूट दी है कि यदि वह नगर निगम की कार्रवाई से संतुष्ट न हो तो नए सिरे से याचिका दाखिल कर सकता हैं। साथ ही कोर्ट ने नगर निगम को भी छूट दी है कि यदि रिलायंस कंपनी टॉवर लगाने के लिए दूसरा स्थान देने हेतु आवेदन करती है तो निगम सकारात्मक रूप से उस पर विचार करे। साथ ही कोर्ट ने रिलायंस कंपनी को भी निर्देश दिया है कि भविष्य में जब कभी भी उसे टावर लगाने की अनुमति मिले वह सुनिश्चित करे कि टावर सड़क, फुटपाथ, नाली जैसे सार्वजनिक स्थानों पर न लगाया जाए साथ ही सड़क के चौड़ीकरण को ध्यान में रख कर पर्याप्त स्थान छोड़े जिससे भविष्य में सड़क चौड़ीकरण के समय समस्या न हो।
याची माधवेंद्र प्रताप सिंह के अधिवक्ता क्षितिज शैलेंद्र का कहना था कि 15 अक्तूबर 2012 के शासनादेश की आड़ में नगर निगम ने रिलायंस जिओ कंपनी को सड़कों, नालियों और फुटपाथ जैसे सार्वजनिक स्थानों पर जिओ के टॉवर लगाने के लिए 20 साल का पट्टा दे दिया। कंपनी ने करीब नौ वर्गमीटर की जगह घेर कर 44 टावर सार्वजनिक स्थानों पर लगाए हैं इसके साथ जनरेटर भी लगाया है। नगर निगम और कंपनी का कहना था कि उन्होंने कोई अतिक्रमण नहीं किया है। कोर्ट ने उनकी दलील नामंजूर करते हुए टावर हटाने का निर्देश दिया है। वहीं याची माधवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि तीन माह के अंदर यदि टॉवर नहीं हटाएं जाते तो एक बार फिर न्यायालय की शरण ले सकते है।
Published on:
29 Nov 2017 08:34 am
बड़ी खबरें
View Allप्रयागराज
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
