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उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज और कानपुर के बीच ट्रेन यात्रा को और सुरक्षित बनाने जा रहा है। अगले सप्ताह इस व्यस्त रूट पर स्वदेशी कवच सिस्टम पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। यह सिस्टम करीब 190 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर काम करेगा, हालांकि दोनों बड़े स्टेशनों को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
कवच सिस्टम लागू करने से पहले रेलवे ने इसके कई कड़े टेस्ट किए हैं। अलग-अलग तरह की ट्रेनों और इंजनों के साथ इसका परीक्षण किया गया, जिसमें वंदे भारत ट्रेन भी शामिल रही। यात्रियों के साथ भी 20,000 किलोमीटर से ज्यादा का सफल ट्रायल किया जा चुका है, जिससे इसकी सुरक्षा और भरोसेमंद कामकाज को परखा गया।
यह कवच एक आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम है, जो ट्रेन चलाते समय होने वाली मानवीय गलतियों को कम करता है। अगर लोको पायलट लाल सिग्नल पार कर देता है या ट्रेन तय गति से तेज चलने लगती है, तो यह सिस्टम खुद ही एक्टिव होकर ट्रेन को रोक देता है। यहां तक कि दो ट्रेनों के आमने-सामने आने की स्थिति में भी यह अपने आप इमरजेंसी ब्रेक लगा देता है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस सिस्टम के लागू होने से इस रूट पर ट्रेन संचालन पहले से ज्यादा सुरक्षित, भरोसेमंद और बेहतर हो जाएगा। यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत तैयार किया गया एक बड़ा कदम है, जो भारतीय रेलवे को आधुनिक बनाने में मदद करेगा।
Updated on:
19 Mar 2026, 12:07 AM IST
Published on:
19 Mar 2026, 12:07 AM IST
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