
Golden Baba
प्रयागराज। कुंभ 2019 में बड़ी चर्चा का विषय रहे गोल्डन पुरी बाबा उर्फ सुधीर मक्कड़ को पुलिस ने हिरासत में दिया, इसके बाद भले ही उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया, लेकिन कुंभ से निष्कासित करते हुए उनको कुंभ में आवंटित जमीन भी जब्त कर ली गई। इस पूरे प्रकरण के बाद एक बार फिर चर्चा में आने वाले गोल्डन बाबा कौन हैं, आइये आपको बताते हैं इनके बारे में कुछ खास बातें।
जानिये क्यों पड़ा ये नाम
जूना अखाड़े के महंत और गोल्डन बाबा का असली नाम सुधीर मक्कड़ है। उन्हें गोल्डन पुरी के नाम से भी जाना जाता है। पहले वह दिल्ली के गांधी नगर में कारोबारी हुआ करते थे। वह तब बिट्टू लाइटबाज के नाम मशहूर थे। हालांकि उन पर कुछ आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। ऐसा बताया जाता है कि अपने क्रिमिनल रिकॉर्ड से दूर भागने के लिए वह संन्यास की राह पर बढ़े। उन्हें जूना अखाड़े से जब निष्कासित किया गया, तो वे चर्चा में आए। 20 किलो सोने के आभूषण पहने रहने वाले सुधीर मक्कड़ का नाम गोल्डन बाबा पड़ गया। बाबा के आभूषणों की कीमत करीब साढ़े छह करोड़ रुपये बताई जाती है। इसके साथ ही उनके हाथ की घड़ी की कीमत भी करीब 27 लाख रुपये है।
ये शौक रखते हैं बाबा
गोल्डन पुरी बाबा के शौक भी किसी बड़े उद्योगपति से कम नहीं हैं। वर्ष 2016 में उन्होंने 12 किलोग्राम सोने के आभूषण पहने थे, जबकि साल 2017 में वह साढ़े 14 किलो के सोने के गहने पहन कर कांवड़ यात्रा पर निकले थे, जिसमें 21 सोने की चेनें, 21 देवी देवताओं के लॉकेट, बाजूबंद और यहां तक कि एक सोने की जैकेट भी शामिल थी। वह इस जैकेट को यात्रा के दौरान कार में ऊपर बैठने के वक्त पहना करते थे। इतना ही नहीं बाबा के सोने के आभूषण और महंगी घड़ियों के अलावा आलीशान गाड़ियों के भी काफी शौकीन हैं। उनके पास एक बीएमडब्ल्यू, तीन फॉर्च्यूनर, दो ऑडी और दो इनोवा कारें हैं, जबकि कुछ मौकों पर वह हमर, जगुआर और लैंडरोवर सरीखी गाड़ियां किराए पर हरिद्वार की ट्रिप के लिए ले लेते हैं।
Published on:
14 Jan 2019 10:03 am
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