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कुंभ में त्रिगुणात्मिक शक्ति का योग, गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती में स्नान से मिलेगा पुण्य

सालों बाद गंगा कुंभ के दौरान में हुई पूरबमुखी, बढ़ेगा देश का मान और गौरव
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प्रयागराज

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Prasoon Kumar Pandey

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Updated: 13 Nov 2018, 8:44 PM IST

kumbh 2019

kumbh nagari

प्रयागराज: गंगा, यमुना सरस्वती की अविरल धारा के पूरब प्रवाह से संगम के तट पर आने वाला हर श्रद्धालु मां की असीम कृपा महसूस करेगा। जीवनदायिनी मां गंगा दिव्य और भव्य कुंभ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को आशीष देने के लिए अपनी धारा बदल रही हैं। सालों बाद संगम की रेती पर मां गंगा की धारा पूरबवाहिनी हो चली हैं। धार्मिक जानकारों की मानें तो गंगा का पूरबवाहिनी होना बहुत ही शुभ संकेत माना जाता है। इस दौरान गंगा में स्नान दर्शन पूजन करने वालों को विशेष पुण्य लाभ की प्राप्ति होती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां गंगा के पूर्व दिशा में जाने से पुण्य प्राप्ति के अवसर कई गुना बढ़ गए हैं। इसके साथ ही कुंभ की तैयारी में जुटे प्रशासन के लिए भी यह बड़ा शुभ संकेत है। मां गंगा के पूर्ववाहिनी होने से संगम नोज के क्षेत्रफल में बड़ा खाली स्थान मिलेगा। इससे प्रशासनिक तैयारियों के साथ श्रद्धालुओं के लिए भी अतिरिक्त स्थान मिल सकेगा।

बड़े स्नान महापर्व सोमवार को
कुंभ के दौरान होने वाले सभी प्रमुख स्नानपर्व सोमवार को पड़ रहे हैं। यह भी एक शुभ योग है ज्योतिषाचार्य पं राममिलन ने बताया, गंगा की पूरब यात्रा का अर्थात अभ्युदय उन्नति है। पूरब वाहिनी होना जितना सुखदायक है उतना ही सुखदायक है गंगा दर्शन। कुंभ के दौरान गंगा स्नान से अपार पुण्य का सौभाग्य प्राप्त होगा इससे दुनिया में देश की प्रतिष्ठा बढ़ेगी। पतित पावनी गंगा का यह स्वरूप ऐतिहासिक है।

डुबकी लगाने से मिलेगा अपार पुण्य
ज्योतिषाचार्य पं राममिलन के अनुसार कुंभ के दौरान कई वर्षों बाद मां गंगा पूरब वाहिनी हुई हैं। इसके पहले गंगा की दिशा पश्चिम ही हुआ करती थी, लेकिन आगामी कुंभ में त्रिगुणात्मिका शक्ति गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का पूर्वाभिमुख होना देश की आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक, धार्मिक और राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने वाला होगा। गंगा की पावन धारा में पूर्ण डुबकी लगाने वालों को पुण्यफल प्राप्त होंगे।

कल्पवासियों के लिए बढ़ जाएगा जमीन का रकबा
गंगा के पूर्व वाहिनी होने से मेला क्षेत्र में क्षेत्र कल्पवास क्षेत्र का भाग बढ़ जाएगा। तंबुओं की नगरी बसाने में इससे सहूलियत होगी। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज सिंह ने बताया कि संगम क्षेत्र का वृहद स्थान लोगों के काम आ सकेगा। श्रद्धालुओं को एक ज्यादा जगह मिलेगी। पं राम मिलन ने बताया, गंगा का पूर्ववाहिनी होना कुंभ के आयोजन में सौभाग्यसूचक है। इसका प्रभाव आने वाले समय में देश भर में दिखेगा।