
Dharmashastra National Law University
प्रयागराज। योगी सरकार के बजट में संगम नगरी को करोड़ों की सौगात मिली है। जिसमें विशेष तौर पर शहर में विधि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 20 हजार करोड़ आवंटित किए गए हैं। राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय प्रयागराज में खोलने के लिए 20 करोड़ आवंटित किए जाने के बाद इसकी स्थापना के काम में तेजी आएगी । नेशनल लॉ स्कूल आफ इंडिया यूनिवर्सिटी बेंगलुरू की तर्ज पर इस विश्वविद्यालय का निर्माण शहर के झलवा इलाके में 25 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित है।
17 साल पहले हुई थी घोषणा
प्रयागराज विधि विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा 17 साल पहले 8 जनवरी 2003 को हुई थी। वर्षों के इंतज़ार के बाद संगम नगरी की यह मुराद पूरी हुई है। विधि विश्वविद्यालय में डिग्री और डिप्लोमा पाठ्यक्रम चलेंगे इसके साथ ही न्यायिक एवं अन्य विधि सेवाएं विधि निर्माण विधि सुधार के क्षेत्र में छात्रों को शोध की सुविधा भी मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इसके कुलाध्यक्ष होंगे जबकि इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश कुलाधिपति होंगे।
लाखों दस्तावेजों पर काम बाकी
अभी तक इलाहाबाद विश्वविद्यालय में विधि की तीन वर्षीय और पांच वर्षीय की डिग्री मिलती है। लेकिन विधि विश्वविद्यालय में विधि के क्षेत्र में शोध कार्य शुरू होना बड़ी उपलब्धि होगी। इलाहबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता सौमित्र द्विवेदी कहते है की सरकार का यह निर्णय आने वाली कई पीढ़ियों के लिए बड़ी सौगात होगी। साथ एशिया के सबसे बड़े हाईकोर्ट के शहर में विधि के क्षेत्र शोध करने के लिए ऐसे लाखों केस है जिन पर शोध होना आवश्यक है। हालाकि इलाहाबाद विवि में पहले भी शोध होते रहे है। लेकिन सौ बरस के न्यायपालिका के इतिहास में वह लाखों दस्तावेज जिन पर काम करना बाकी है, उन्हें पढना विधि के छात्रों के लिए किसी खजाने से कम नही होगा।
यह विश्वविद्यालय है स्थापित
विधि विश्वविद्यालय शहर का छठवां विश्वविद्यालय होगा ।अभी तक इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के साथ ही प्रोफेसर राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के साथ ही नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय सैम हिग्गिनबॉटम यूनिवर्सिटी आफ एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी एंड साइंस भी है।
Published on:
19 Feb 2020 10:46 am
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