17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

किन्नर अखाड़ा के महामंडलेश्वर ने कहा— अपने खून से सींचकर बनाएंगे राम मंदिर

किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा, लोग राम के नाम पर पीएम और सीएम बन गए पर अयोध्या में भगवान का मंदिर नहीं बन सका

2 min read
Google source verification
ram mandir

kinnar akhada

प्रयागराज: कुम्भ 2019 को लेकर प्रयागराज में तैयारियां जोरों पर चल रहीं हैं। कुम्भ के कार्यों के साथ अखाड़ा परिषद हों या फ़िर साधु संतों उनका संगम नगरी में आना— जाना शुरू हो गया है। इसी कड़ी में प्रयागराज पहुंचीं किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने अयोध्या में राम मंदिर को लेकर बड़ा बयान दिया। इस दौरान उन्होने कहा कि जरूरत पड़ी तो किन्नर समाज अपने खून से सींचकर राम मंदिर का निर्माण कराएगा। अगर भगवान राम के मंदिर के लिए प्राणों की बलि भी देनी पडी तो किन्नर समाज अपने प्राणों की आहुति देकर भगवान राम का मंदिर बनाएगा, लेकिन किसी हाल में पीछे नहीं हटेगा।


सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर पर फाइनल सुनवाई से पहले त्रिपाठी ने कहा, यह बड़े अफसोस की बात है सियासत के चलते राम मंदिर का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा दिया गया। पर सनातन परंम्परा को मानने वाले आशावादी होते हैं वे कभी भी निराश नहीं हो सकते हैं। अयोध्या में भगवान राम का ही मंदिर बनना चाहिए। कोर्ट को भी भावानाओं का ध्यान रखना चाहिए। त्रिपाठी ने इस दौरान राजनीतिक दलों पर जमकर निशाना साधाते हुए कहा कि हमने राम मंदिर को बाज़ार में लाकर खड़ा कर दिया। राम मंदिर के नाम पर लोग मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बन गए पर अयोध्या में भगवान का मंदिर अभी तक नहीं बन सका। त्रिपाठी ने कहा कि राजनीति के चलते ही मर्यादा पुरुषोत्तम राम एक राजनीतिक फीगर बनकर रह गए हैं।

किन्नर अखाड़े का स्थापना दिवस
बता दें की प्रयागराज में किन्नर अखाड़ा का स्थापना दिवस समारोह रविवार को मनाया जाना था, लेकिन किन्नर समाज के बड़े गुरु के निधन की वज़ह से स्थापना दिवस समारोह नहीं आयोजित हो सका। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा की आगामी 20 दिसम्बर को किन्नर अखाड़ा कुम्भ को लेकर भूमि पूजन करेगा। गौरतलब है कि कुंभ मेले में 14वें अखाड़े के रूप में मान्यता के लिए किन्नर अखाड़ा प्रशासन से मिल चुका है।