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Mahakumbh 2025: 15 दिन में करीब 14 करोड़ श्रद्धालुओं का संगम, रविवार को रिकॉर्ड भीड़, आज आएंगे अमित शाह

Mahakumbh 2025: प्रयागराज महाकुंभ 2025 में अब तक करीब 14 करोड़ श्रद्धालु शामिल हो चुके हैं। वहीं, आज यानी 27 जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संगम में डुबकी लगाएंगे।

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Mahakumbh 2025

महाकुंभ में आज अमित शाह लगाएंगे डुबकी

Mahakumbh 2025: प्रयागराज के संगम तट पर आयोजित महाकुंभ 2025 आस्था और श्रद्धा का भव्य आयोजन बनकर उभर रहा है। पिछले 15 दिनों में अब तक 14 करोड़ श्रद्धालु इस महायोग में शामिल हो चुके हैं। रविवार को महाकुंभ ने एक और रिकॉर्ड कायम किया, जब एक ही दिन में 1.74 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान किया।

संगम तट पर उमड़ा आस्था का सागर

महाकुंभ में श्रद्धालुओं का जोश और भक्ति चरम पर है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु अपनी आस्था और विश्वास के साथ संगम नगरी पहुंच रहे हैं। रविवार को भारी भीड़ के बावजूद प्रशासन की सटीक व्यवस्थाओं ने श्रद्धालुओं के अनुभव को सुखद और व्यवस्थित बनाए रखा।

अमित शाह की उपस्थिति से बढ़ेगा आयोजन का महत्व

आज, 27 जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी महाकुंभ में हिस्सा लेंगे। उनकी उपस्थिति से महाकुंभ को और अधिक आधिकारिक और सांस्कृतिक मान्यता मिलेगी। प्रशासन और सुरक्षा बल अमित शाह के आगमन को लेकर विशेष तैयारियां कर रहे हैं। उनका कार्यक्रम धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर केंद्रित रहेगा। वह संगम में स्नान करेंगे और साधु-संतों के साथ संवाद करेंगे।

प्रशासन की उत्कृष्ट व्यवस्थाएं

महाकुंभ जैसे विशाल आयोजन को सफलतापूर्वक संचालित करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन ने कई अहम कदम उठाए हैं:

• सुरक्षा प्रबंध: लगभग 35,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी की जा रही है।

• आवागमन की सुविधा: भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए यातायात को सुचारू रूप से संचालित किया गया है।

• स्वास्थ्य सेवाएं: संगम तट और प्रमुख स्थानों पर मेडिकल कैंप और एंबुलेंस सेवाएं उपलब्ध हैं।

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सांस्कृतिक गतिविधियों का आकर्षण

महाकुंभ न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह सांस्कृतिक गतिविधियों का भी केंद्र बना हुआ है। भजन-कीर्तन, कथा-वाचन और योग शिविर जैसे आयोजनों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया है। साधु-संतों के प्रवचन और अखाड़ों की प्रस्तुतियां महाकुंभ को और भी भव्य बना रही हैं।

अभी बाकी हैं प्रमुख स्नान पर्व

महाकुंभ के मुख्य स्नान पर्वों में मौनी अमावस्या (29 जनवरी) का दिन सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रशासन ने इस दिन लगभग 10 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम में स्नान करने का अनुमान लगाया है। इसके लिए अतिरिक्त सुरक्षा और व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं।

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संदेश और महत्व

महाकुंभ 2025 भारतीय संस्कृति और आस्था का अनुपम उदाहरण है। यह आयोजन केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह “वसुधैव कुटुंबकम” के संदेश को विश्व स्तर पर प्रसारित करता है। अमित शाह जैसे प्रतिष्ठित नेताओं और मेरी कॉम जैसी हस्तियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया है।

15 दिनों में 14 करोड़ श्रद्धालुओं की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महाकुंभ न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, एकता और श्रद्धा का उत्सव भी है। जैसे-जैसे मुख्य स्नान दिवस नजदीक आ रहे हैं, संगम नगरी का वातावरण और भी भक्तिमय होता जा रहा है।