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महंत नरेंद्र गिरी हत्या: आरोपी आनंद गिरी की जमानत खारिज, ‘उन्हें’ किसका इंतज़ार था?

आखाडा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की हत्या में अब तक हुई डेवलपमेंट रिपोर्ट पर सीबीआई ने कोर्ट को अवगत कराया है। जबकि कोर्ट में दाखिल हुई आरोपी आनंद गिरि की जमानत अर्जी दाखिल करने पर भी सुनवाई हुई।

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पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क

प्रयागराज. अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की हत्या मामले में आरोपी आनंद गिरि की जमानत अर्जी जिला कोर्ट ने खारिज कर दी है। इस मामले में अब तक सीबीआई ने एक दर्जन से ज्यादा लोगो के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज करके उनके बयान लिए हैं।

प्रोग्रेस रिपोर्ट मेन क्या है खुलासा नहीं

वहीं प्रयागराज में अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत की प्रोग्रेस रिपोर्ट भी कोर्ट में दी। वहीं इसमें जो कुछ बातें कोर्ट में सामने आई हैं वो भी काफी संदेहास्पद हैं। सीबीआई को प्रारंभिक जांच के बाद मामले में गहरी साजिश के संकेत मिले हैं। महंत नरेंद्र गिरि की मौत के दिन मठ में लगे कैमरे बंद पाए गए हैं। हालांकि कक्ष से लेकर सीढ़ियों तक पर लगे सीडी प्लस के कैमरे सही पाए गए हैं। ऐसे सीन बनें हैं जैसे नरेंद्र गिरि को पहले से मालूम था कि उनसे मिलने कोई आने वाला है।

हालांकि सीबीआई ने सीन क्रिएशन के दौरान भी ऐसे ही बहुत सारे पहलुओं के जांच की गई है। लेकिन नरेंद्र गिरि को किसका एंतेजार है कौन आने वाला था। या बाहर कमरे का कैमरा क्यों बंद था इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरि महाराज के पार्थिव शरीर भू समाधि करके अब नए बाघंबरी अध्यक्ष की नियुक्ति भी हो चुकी है। जबकि आखाडा परिषद अध्यक्ष के पद पर संघर्ष जारी है। वहीं कथित तौर पर इसमें दो दो अध्यक्ष बनें हुए हैं।

आपको बताते चलें कि महंत नरेंद्र गिरि की मौत

सितंबर 2021 में हुई थी। वो अखाड़े एक अपने कमरे मे पंखे से लटकते हुए पाए गए थे। जबकि उनके पास से एक आत्महत्या का पत्र भी मिला था। जिसमें कई लोगों के नाम लिखे थे। जिन्हें उत्तराधिकारी भी बताया गया था।

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