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नैनी जेल बवाल: भाई की मौत का बदला लेने के लिए कराई गई थी हत्या

मुख्य आरोपी गिरफ्तार, ज्ञानचंद्र की हत्या के लिए शैलेंद्र यादव ने हॉस्टल में रखी थी मीटिंग, हत्या के बाद हुआ था जमकर बवाल

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Ahkhilesh Tripathi

Aug 26, 2016

naini jail uproar

naini jail uproar

इलाहाबाद
. नैनी जेल के सामने दो माह पहले ज्ञानचंद्र यादव और उसके साथियों पर ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर हत्या करने वाले आरोपियों ने पुलिस ने शुक्रवार को धर दबोचा। हत्या को अंजाम देने के लिए शैलेंद्र यादव ने 15 लाख रुपये और एक स्कॉर्पियो देकर सुपारी दी थी। हालांकि इस मामले से संबंधित कुछ लोगों की गिरफ्तारी पुलिस कर चुकी है।



5 जून 2016 को नैनी सेंट्रल जेल से ज्ञानचंद्र यादव अपने साथियों के साथ गाड़ियों में बाहर आ रहा था। जेल के बाहर पहले से कुछ गुण्डे उन्हें मारने के लिए गाड़ी में बैठे थे। गाड़ी जैसे ही जेल से बाहर आई गुण्डों ने ज्ञानचंद्र यादव और उनके साथियों पर बम और तमंचे से हमला कर दिया। इसे हत्या को लेकर फाफामऊ क्षेत्र में दो दिनों तक बवाल हुआ था। लोगों में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस पर लगातार अरोपियों को पकड़ने दबाव बन रहा था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ज्ञानचंद्र के हत्यारों को पकड़ने के लिए सरपतहिया मोड़ रेलवे क्रासिंग पर शुक्रवार को घेरामंदी कर रोका। पुलिस वालों की घेराबंदी देख स्कॉर्पियो सवारों ने हमला कर दिया। इसके बाद पुलिस ने चारो ओर से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से स्कॉर्पियो, एक पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, के साथ धर दबोचा।


पकड़े गए आरोपी विमल प्रकाश शर्मा उर्फ मुन्नू तिवारी ने बताया कि इस हत्या की साजिश करीब सात आठ महीने पहले करेली स्थित रॉयल पैलेस होटल में रची गई थी। होटल में आयोजित मीटिंग में मेरे अलावा, अख्तर कटरा, शैलेंद्र यादव, राजू पहलवान, लादे, वसीम खां, सज्जू खान, दीपक वर्मा शामिल थे। मीटिंग में ही तय किया गया कि झूंसी निवासी ज्ञान चंद्र यादव व उसके भाई संतोष यादव की हत्या करनी है। क्योंकि ज्ञान चंद्र व परिवार ने शैलेंद्र के भाई की हत्या की थी। हत्या के लिए शैलेंद्र ने 15 लाख रुपये व एक स्कार्पियो दी थी।


अभियुक्त ने बताया मैं गुड्डू, मामा साकिब निवासी बेथनी स्कूल के पास किराए के मकान में रहने लगे। जेल के आसपास पर घटना को अंजमा देने व भागने के रास्ते की पड़ताल की। उस दौरान अख्तर भी साथ था। अभियुक्त ने बताया कि योजना के अनुसार नैनी सेंट्रल जेल के अंदर से ज्ञानचन्द्र यादव की गाड़ियां जैसे ही दोनों गाड़िया जेल के अन्दर से बाहर आई मैने इशारा किया।



इशारा मिलते ही वसीम खान ने गाड़ी के ऊपर बम, पिस्टल से फायर किया, फिर दोनों हाथ में असलहे लेकर गाड़ियों पर अंधाधून फायरिंग करने लगे। इस अंधाधून फायरिंग से शैलेंद्र यादव सहित अन्य की मौत हो गई थी। पकडे गए अरोपियों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर जेल भेज दिया है।

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