
बरेली। समाजवादी पार्टी की एकता और अनुशासन के दावों को उस वक्त झटका लग गया, जब एसआईआर (विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण) को लेकर बुलाई गई बैठक में विधायक और पूर्व विधायक आमने-सामने भिड़ गए। एसआईआर प्रभारी के सामने ही बूथों की संख्या को लेकर ऐसी तकरार हुई कि बैठक का एजेंडा कुछ देर के लिए सियासी अखाड़े में बदल गया।
विधानसभा निर्वाचन नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण के लिए समाजवादी पार्टी ने लखीमपुर खीरी के पूर्व एमएलसी शशांक यादव को जिले का एसआईआर प्रभारी नियुक्त किया है। रविवार को वह पहली बार बरेली पहुंचे और पार्टी कार्यालय में पदाधिकारियों व नेताओं के साथ एसआईआर को लेकर समीक्षा बैठक कर रहे थे।
बैठक में पहले मीरगंज से पूर्व विधायक सुल्तान बेग ने अपने क्षेत्र में चल रहे एसआईआर कार्यों की जानकारी दी। इसके बाद भोजीपुरा विधायक शहजिल इस्लाम ने माइक संभाला और दावा किया कि भोजीपुरा विधानसभा क्षेत्र में पहले 418 बूथ थे, जो अब बढ़कर 463 हो गए हैं। यह कहते ही सामने बैठे सुल्तान बेग भड़क गए। उन्होंने विधायक को टोकते हुए याददाश्त दुरुस्त करने की नसीहत दे डाली और कहा कि भोजीपुरा में अब भी 418 ही बूथ हैं।
बस फिर क्या था, विधायक ने तेज आवाज में आपत्ति जताई, जवाब में पूर्व विधायक ने भी तल्ख लहजा अपनाया। कुछ ही पलों में बैठक का माहौल गर्म हो गया और दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। पार्टी पदाधिकारी स्तब्ध रह गए और एसआईआर प्रभारी शशांक यादव भी अचानक इस सियासी भिड़ंत को देखते रह गए।
स्थिति बिगड़ती देख सपा जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप ने तत्काल माइक अपने हाथ में लिया और हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर के तहत पहले जहां एक बूथ पर लगभग 1500 मतदाता थे, अब उसे अधिकतम 1200 मतदाता प्रति बूथ कर दिया गया है। इसी मानक के आधार पर बूथों का पुनर्संयोजन किया गया है, जिससे आंकड़ों में भ्रम की स्थिति बनी। सही तथ्य रखे जाने के बाद दोनों नेताओं को शांत कराया गया और बैठक आगे बढ़ी।
बैठक के बाद एसआईआर प्रभारी शशांक यादव ने कहा कि पार्टी एसआईआर प्रक्रिया पर पूरी सतर्कता से पैनी नजर रखेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि “पीडीए प्रहरी” हर बूथ पर सक्रिय रहेंगे और किसी भी कीमत पर एक भी सही वोट कटने नहीं दिया जाएगा। जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप ने दोहराया कि समाजवादी पार्टी संविधान और मताधिकार की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ी है। भोजीपुरा विधायक शहजिल इस्लाम ने कहा कि जनता के अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक पूरी ताकत से लड़ी जाएगी, जबकि सुल्तान बेग ने कहा कि पार्टी का संघर्ष हमेशा जनता के साथ रहा है और पीडीए की एकता ही सबसे बड़ी ताकत है।
इधर, बैठक के साथ ही पार्टी कार्यालय की अंदरूनी राजनीति की भी चर्चा तेज हो गई। रविवार देर रात कार्यालय परिसर में लगे बैनर फाड़े जाने की बातें सामने आईं। सूत्रों के अनुसार, संगठन के कुछ पदाधिकारियों के बीच चल रहे आपसी द्वंद का असर पोस्टरों पर भी दिखा है। बताया गया कि 15 जनवरी को पार्टी कार्यालय में डिंपल यादव के जन्मदिन को लेकर लगाया गया बैनर किसी ने रात में फाड़ दिया, जिसे सुबह दूसरा बैनर लगाकर ढका गया। हालांकि इस मामले में किसी भी पदाधिकारी ने खुलकर कुछ कहने से परहेज किया।
बैठक में महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, शुभलेश यादव, कदीर अहमद, रविंद्र सिंह यादव, इंजीनियर अनीस अहमद, हरिशंकर यादव, सूरज यादव, आदेश यादव ‘गुड्डू’, भारती चौहान, स्मिता यादव, ओमेंद्र यादव समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में बरेली बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित सचिव दीपक पांडे, संयुक्त सचिव रोहित यादव और अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव बने देवराज का स्वागत भी किया गया। संचालन पार्टी कोषाध्यक्ष अशोक यादव ने किया।
Updated on:
19 Jan 2026 10:39 am
Published on:
19 Jan 2026 10:38 am
बड़ी खबरें
View Allबरेली
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
