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मां ने अपनी किडनी देकर बेटे को दी नई जिंदगी, प्रयागराज में पहली बार हुआ ट्रांसप्लांट

प्रयागराज शहर के एसआरएन अस्पताल में पहली बार सफल किडनी ट्रांसप्लांट किया गया, जिसमें एक मां ने अपनी किडनी देकर अपने बेटे की जान बचाई। यह ऑपरेशन बुधवार को डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक पूरा किया। इस ट्रांसप्लांट की तैयारी करीब एक महीने से चल रही थी। सभी जरूरी जांच और मंजूरी मिलने के बाद […]

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ILBS Hospital Doctors performed kidney transplant Surgery on patient without anesthesia in Delhi

प्रयागराज शहर के एसआरएन अस्पताल में पहली बार सफल किडनी ट्रांसप्लांट किया गया, जिसमें एक मां ने अपनी किडनी देकर अपने बेटे की जान बचाई। यह ऑपरेशन बुधवार को डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक पूरा किया। इस ट्रांसप्लांट की तैयारी करीब एक महीने से चल रही थी। सभी जरूरी जांच और मंजूरी मिलने के बाद ही ऑपरेशन किया गया। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की ट्रांसप्लांट कमेटी ने मां और बेटे के दस्तावेजों की जांच की, उनसे बातचीत की और पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग भी की। इसके बाद ही ट्रांसप्लांट की अनुमति दी गई।

प्रयागराज में ही उपलब्ध हो गई सुविघा

यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. दिलीप चौरसिया के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन किया। इस टीम में डॉ. अरविंद गुप्ता, डॉ. संतोष मौर्य और डॉ. सौम्या गुप्ता शामिल रहे। अब तक ऐसे ऑपरेशन के लिए मरीजों को दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहरों में जाना पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा प्रयागराज में ही उपलब्ध हो गई है।

नर्सों को दी गई विशेष ट्रेनिंग

इस ट्रांसप्लांट के लिए अस्पताल की नर्सों को विशेष ट्रेनिंग दी गई थी, ताकि पूरी प्रक्रिया सही तरीके से हो सके। डॉक्टरों के अनुसार, किडनी ट्रांसप्लांट में मरीज और डोनर दोनों को मिलाकर करीब 5 लाख रुपये का खर्च आता है। यह सफलता न सिर्फ एक परिवार के लिए खुशी की बात है, बल्कि प्रयागराज के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

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