
आनंद भवन
इलाहाबाद. भारत की आजादी की लड़ाई का केन्द्र बिन्दू रहे इलाहाबाद के ऐतिहासिक भवन ‘आनन्द भवन’ को चार करोड़ 19 लाख रुपये हाउस टैक्स बकाए का नोटिस भेजा गया है। नोटिस भेजने के पीछे तर्क दिया गया है कि आनंद भवन का कॉमर्शियल उपयोग किया जा रहा है। यहां जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल फंड की ओर से म्यूजियम और प्लेनेटोरियम का संचालन किया जाता है, जिसे देखने के लिये रोजाना हजारों लोग आते हैं और ट्रस्ट उनसे पैसे भी वसूलता है। उधर मेयर अभिलाना गुप्ता नंदी का कहना है कि आनंद भवन की ओर से कभी यह जानकारी नहीं दी गयी कि हम चैरिटेबल ट्रस्ट हैं और यह भवन राष्ट्र को समर्पिमत है। नोटिस जारी होने के बाद कांग्रेस ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेता बाबा अवस्थी ने इसे सियासी साजिश करार देते हुए योगी सरकार पर हमला बोला है और साबरमती ट्रस्ट पर भी टैक्स लगान की मांग किया है।
उधर नगर निगम का कहना है कि आनंद भवन का हाउस टैक्स पिछले कई सालों से नहीं जमा हो रहा। यही वजह है कि आनंद भवन पर दो करोड़ 71 लाख 13 हजार 534 रुपये का हाउस टैक्स बकाया चढ़ गया है। उस पर ब्याज चढ़कर यह बकाया राशि चार करोड़ 19 लाख 57 हजार 495 रुपये रुपये पहुंच चुकी है। उधर नोटिस मिलने के बाद हड़कम्प मच गया। जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल फंड के प्रशासनिक सचिव डॉ. एन बाला कृष्णन की ओर से नोटिस का जवाब देते हुए मेयर को पत्र लिखकर हाउस टैक्स का मूल्यांकन गलत होने की बात कही है। उन्होंने दावा किया है कि चैरिटेबल ट्रस्ट की गतिविधि कॉमर्शियल नहीं हो सकती।
इस मामले में मीडिया को दिये बयान में मेयर अभिलाशा गुप्ता नंदी ने कहा है कि आनंद भवन प्रबंधन ने बढ़ने वाले हाउस टैक्स पर कभी आपत्ति नहीं जतायी, इसलिये बकाया बढ़ता रहा। अगर उनकी ओर से कोई आपत्ति आएगी तो उस पर भी विचार किया जाएगा। आनंद भवन की ओर से कभी निगम को चैरिटेबल ट्रस्ट और भवन के राष्ट्र को समर्पित होने की जानकारी नहीं दी गयी। अगर जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल फंड कीओर से कागजात मुहैया कराए जाएंगे तो कार्यकारिणी में हाउस टैक्स कम करने पर विचार किया जाएगा।
By Correspondence
Published on:
20 Nov 2019 04:41 pm

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